विकासखंड चिराईगांव के तोफापुर ग्रामसभा में रामजीत यादव के द्वारा वित्तीय अनियमितता को लेकर हाईकोर्ट में पीआईएल दाखिल किया गया था उसी पीआईएल पर हाईकोर्ट के आदेश पर जांच करने पहुंचे जिला पंचायत राज अधिकारी आदर्श और उनके साथ अपर जिला पंचायत राज अधिकारी राम उदय यादव ने दोनों पक्षों को पंचायत भवन पर बुलाया. ग्राम पंचायत तोफापुर के प्रधान प्रतिनिधि राहुल यादव ने जिला पंचायत राज अधिकारी को उन्हीं के द्वारा दिए गए क्लीन चिट की भी कॉपी को दिखाया लेकिन जिला पंचायत राज अधिकारी आदर्श ने स्पष्ट तौर पर यह कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार जांच होनी है।

साथ ही उन्होंने शिकायतकर्ता से उनके द्वारा की गई शिकायतों की भी जानकारी दी जिसमें शिकायतकर्ता ने जिला पंचायत राज्य अधिकारी को बताया कि इंटरलॉकिंग के लिए पैसे निकाले गए हैं लेकिन इंटरलॉकिंग नहीं लगाई गई है साथी ही उन्होंने स्ट्रीट लाइट के ऊपर भी जिला पंचायत अधिकारी बताया कि पैसा निकाला गया है लेकिन स्थित लाइट नहीं लगाई गई है।
जिला पंचायत राज अधिकारी और अपर जिला पंचायत राज अधिकारी ने दोनों पक्षों को लेकर के जितने भी हैंडपंप रिबोर हुए हैं और जो भी स्ट्रीट लाइट लगाई गई है उसका निरीक्षण करना शुरू किया एक जगह पर जब रामजीत यादव रिबोर और स्ट्रीट लाइट चेक करवा रहे थे. इस दौरान जिला पंचायत राज अधिकारी की नजर शिकायतकर्ता के करीबी बंशु यादव के घर पर पड़ी जहां पर ग्राम सभा के द्वारा लगाए जा गए स्ट्रीट लाइट उनके घर पर लगी हुई पाई गई साथ ही जिस इंटरलॉकिंग की शिकायतकर्ता ने शिकायत किया था प्रधान पति ने बताया कि उसमें सिर्फ मटेरियल के पैसे का भुगतान किया गया है मजदूरी का पैसा नही निकाला गया है और मौके पर जितना भी मटेरियल का भुगतान हुआ है वो यहा पर मौजूद है जिसकी पुष्टि टेक्निकल इंजीनियर ने किया।
अब सवाल यह है कि अगर शिकायतकर्ता के सहयोगी के यहां है स्ट्रीट लाइट लगी हुई है तो इसमें कहीं ना कहीं यह कहा जा सकता है कि ग्राम प्रधान और सचिव को फसाने के लिए शिकायतकर्ता रामजीत यादव चुनाव में अपने हार का बदला लेने के लिए ही इन लोगों से यह यकृत करवाया है और ग्राम प्रधान और सचिव को फ़साने की साजिश कर रहे है क्योंकि जिला विकास जिला पंचायत राज अधिकारी के सामने रामजीत यादव बार-बार स्ट्रीट लाइट की जांच पहले करने की मांग कर रहे थे।
जांच करने तोफापुर पहुंचे डीपीआरओ संग एडीपीआरओ