एप्पल बेर की खेती
श्रवण शंकर उपाध्याय ने बताया कि वैसे तो थाई एप्पल बेर कम उपजाऊ मिट्टी में भी अच्छा उत्पादन दे सकते हैं, लेकिन मिट्टी की जांच के आधार पर देसी खाद, सुपर खाद, सुपर फास्फेट, म्यूरेट ऑफ पोटाश के अलावा नाइट्रोजन उर्वरकों का भी प्रयोग कर सकते हैं.
कृषि विशेषज्ञों की मानें तो बेर के पौधों की जड़ों में ड्रिप सिंचाई के जरिये पोषक तत्वों की आपूर्ति करके काफी खर्च बचा सकते हैं. इसकी खेती के लिये जीवामृत की मदद से भी पोषण प्रबंधन का काम कर सकते हैं.
थाई एप्पल बेर का उत्पादन
थाई एप्पल बेर की खेती करने के लिए देसी और हाइब्रिड को प्रजातियों का इस्तेमाल कर सकते हैं. बता दें कि इस फल की हाइब्रिड प्रजातियों के पौधों की रोपाई करके मात्र 6 महीने के अंदर 100 किलो तक फलों का उत्पादन ले सकते हैं. इसकी रोपाई के साल भर बाद पौधे के परिपक्व होने पर 20 से 25 किलो तक फलों का उत्पादन मिल जाता है.
बाजार में थाई एप्पल को 50 रुपया प्रति किलो के भाव पर बेचा जा सकता है. किसान चाहें तो अगले 50 साल तक थाई एप्पल बेर की फसल से बंपर उत्पादन लेकर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं