*चिरईगांव/वाराणसी -*बढ़ता मृदा प्रदूषण व घटता जलस्तर खेती-किसानी के लिए चिंता का सबब बनता जा रहा है।यदि हमें बीमार हो रही धरती माता को बचाना है और लम्बे समय तक खेती करनी है तो हमें जैविक खेती को अपनाना होगा।उक्त सलाह जिला पंचायत अध्यक्षा पूनम मौर्या ने शुक्रवार को खुटहनां गांव में कृषि विभाग द्वारा आयोजित जैविक किसान मेले में उपस्थित किसानों को दी।बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आज काशी के जैविक उत्पादों की मांग न सिर्फ उत्तर प्रदेश मे बल्कि पूरे भारत मे बढ़ी है। वाराणसी में कृषि विभाग व किसानों के संयुक्त प्रयास व मेहनत का परिणाम है कि लोग काशी के जैविक उत्पादों की मुंह मांगी कीमत देने को तैयार हैं। फलस्वरूप जैविक खेती आज किसानों की समृद्धि का आधार बन रही है।
नमामि गंगे योजनान्तर्गत आयोजित किसान मेले में एडीओ कृषि डा.राजशेखर ने किसानों को जीवामृत,घनजीवामृत,दशपर्णी अर्क के उत्पादन व उपयोगिता पर विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की।नमामि गंगे योजना के प्रोजेक्ट हेड स्वामी शरण कुशवाहा ने किसानों को जैविक उत्पादों के ग्रेडिंग,पैकिंग व मार्केटिंग के सम्बंध में जानकारी दी।
*जैविक समितियों के स्टाल रहे आकर्षण का केंद्र-*
उप कृषि निदेशक अखिलेश कुमार सिंह के दिशा निर्देशन में जनपद के सभी विकास खण्डों की ओर से चिरईगांव के किसान मेले में जैविक कृषक समितियों की ओर से लगाये गये स्टाल लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे।मुख्य अतिथि ने जैविक कृषक समितियों के स्टालों पर पहुंच कर काशी जैविक उत्पादों का अवलोकन कर किसानों का उत्साहवर्धन किया।
*इनकी रही उपस्थिति -*
जैविक किसान मेले में प्रवीण नागर,ऋषिकेश, dr राजशेखर, दिनेश कुशवाहा,मनोज कुमार प्रजापति,निहाल शरण,सहायक तकनीकी प्रबंधक संतोष,इंद्रमणि सहित भारी संख्या में किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन बीटीएम अनिल सिंह ने किया।