चंदौली सांसद वीरेंद्र सिंह ने अपने वाराणसी आवास पर दिशा कमेटी की बैठक को लेकर किया प्रेसकॉन्फ्रेंस
आज प्रेस कांफ्रेंस के द्वारा यह प्रेस रिलीज जारी किया जाता हैं कि लगातार प्रयास के बावजूद आज लगभग 8-9 महीने बीत गए और केंद्र सरकार के द्वारा बनाए गये नियम जिसमें साल में 4 बार दिशा कमेटी की बैठक होनी चाहिए, आज करीब 8-9 महीने बीत जाने के बाद भी विशा कमेटी की एक भी बैठक नहीं हो सकी। दिशा कमेटी एक ऐसी कमेटी होती हैं जिसके माध्यम से केंद्र सरकार द्वारा जो योजनाएं चलायी जाती है उन योजनाओं की समीक्षा की जाती है ताकि योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुँच सके यह भी तय किया जाता है कि सम्बंधित अधिकारी जनहित में काम कर रहे है अथवा नहीं उनकी जवाबदेही सुनिश्चित की जाती है। विशेष रूप से मनरेगा में जो मजदूर है उनको भुगतान सही मिल रहा है या नहीं मिल रहा है। प्रधानमंत्री आवास और चिकित्सा व्यवस्था से लेकर वह तमाम योजनाएं जैसे प्रधानमंत्री जी द्वारा कई गाँव गोद लिए गए है उस गाँव की अद्यतन स्थिति क्या हैं? गोद लिए गए गाँव की स्थिति सुधरी है कि नहीं सुधरी, ये जनता के सामने आ जाए। माननीय प्रधानमंत्री के जनपद में दिशा कमेटी की बैठक का न होना अन्य जनपदों के लिए सही सन्देश नहीं दे सकता है। इस सन्दर्भ में कई पत्र माननीय प्रधानमंत्री जी, माननीय ग्रार्माण विकास मंत्री सहित आयुक्त, वाराणसी मंडल और जिलाधिकारी, वाराणसी को लिख चुका हूँ। परन्तु इसका अभी तक कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाया है। क्या वाराणसी की जनता को केंद्र सरकार द्वारा लागू योजनाओं के बारे में जानने का अधिकार भी नहीं है क्षेत्र में भ्रमण के दौरान ग्रामीण जनता की कई छोटे-छोटे कार्यों के सम्बन्ध में मांग होती है जिसका तत्काल समाधान किया जाना आवश्यक भी होता है। हम उन कायों को प्रस्तावित भी करते है और उन एजेंसियों को कार्य आबंटित करते है जो उन कार्यों को तत्काल पूर्ण कर दे, अन्यथा कार्य में देरी होने से जनता और नाराज होती है। इसके लिए भी कई बार सम्बंधित अधिकारी को बताया गया। संभवतः अधिकारी मेरी पौडा को समझेंगे और आवश्यक निर्देश जारी करेंगे।
यह भी बताना है कि उत्तर प्रदेश में शराब नीति का उलंघन करते हुए गरीब समाज खासकर चिन्द, बियार, मल्लाह, आदिवासी, वनवासी, एवं अनुसूचित जातियों के बस्तियों के बीच देसी शराब ठेका खोलने का लाइसेंस दिया जा रहा है। यदि आप पता करेंगे तो जनपद चंदीली के ऐसे सभी ग्रामसभाओं के शराब ठेके के मालिक भारतीय जनता पार्टी के सक्रीय कार्यकर्ता है और उनके पीछे जो शक्तियां है यह शराब से जुड़े बड़े-बड़े माफिया हैं। इनका उपयोग 2027 के विधानसभा चुनाव एवं आगामी पंचायत चुनाव में शराब बोटकर बोट लुटने व उनका बोट प्रभावित करने की मंशा है। इलेक्शन कमीशन से मिलकर इस सन्दर्भ में गहराई से जांच करने की मांग करूंगा और बीजेपी की साजिश का पर्दाफाश भी करूंगा।
UP18न्यूज लाईव से सरफराज खान की रिपोर्ट