*चिरईगांव/वाराणसी -*”रहिमन पानी राखिए बिन पानी सब सून,पानी गये न उबरे मोती मानस चून” ये सिर्फ एक काव्योक्ति मात्र नहीं है बल्कि आज से सैंकड़ों वर्ष पूर्व पानी के संरक्षण व संकट के प्रति आगाह करने वाली एक चेतावनी भी थी।समय बदला जल संरक्षण की दिशा में अनेकों कार्य किये गये उसमें प्रत्येक ग्राम पंचायत में अमृत सरोवर बनाने का महत्वपूर्ण कार्य भी हुआ लेकिन कुछ लोगों की लापरवाही से चिरईगांव विकास खण्ड के अमृत सरोवर व तालाब अपनी दुर्दशा पर आंसू बहाते नजर आ रहे हैं।इसी क्रम में यदि नजर डालें सोनबरसा स्थित मूर्ति विसर्जन तालाब पर तो सच्चाई खुद सामने आ जायेगी।बताते चलें कि इस तालाब में शारदीय नवरात्र के समय मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है और उसी समय तालाब में पानी भी नजर आता है बाकी समय इस तालाब में पानी का अकाल ही रहता है।
*नहीं होती सफाई,पड़ोसी फेंकते हैं कूंड़ा-*
जिम्मेदार लोगों की लापरवाही का यह आलम है कि लाखों रूपये खर्च करके पाथवे,सीढ़ी,सोलर लाइट,सीमेंटेड बेंच की व्यवस्था करने के बाद भी सफाई व देखभाल के अभाव में मूर्ति विसर्जन तालाब अपनी दुर्दशा पर आंसू बहाता नजर आ रहा है।
*शरारती तत्वों ने तोड़ दिया सीमेंटेड बेंच-*
जिला पंचायत की ओर से लगभग दो महीने पहले तालाब के किनारें 8 सीमेंटेड बेंच लगाये गये थे जिसमें पांच सीमेंटेड बेंच को शरारती तत्वों ने उखाड़कर क्षतिग्रस्त करते हुए पास के खेतों में फेंक दिया।आलम यह है कि जिन्हें ग्राम पंचायत की संपत्तियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गयी है उन्होंने शरारती तत्वों के खिलाफ न तो एफआईआर कराया और न ही उच्चाधिकारियों को सूचना देना मुनासिब समझा गया।
*जो देते सफाई का संदेश वहीं लगा कूड़े का ढ़ेर-*
लोगों को जागरूक करने में क्षेत्र के जन प्रतिनिधि अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाते रहे हैं लेकिन यहां की स्थिति यह है कि जहां पर जन प्रतिनिधियों का शिलापट्ट लगा हुआ है वहीं पर कूड़े का ढ़ेर भी लगा है।साफ सफाई के अभाव में मूर्ति विसर्जन तालाब में उगी झाड़ियों में जहरीले जंतुओं के साथ ही मच्छरों का बसेरा हो गया है जिससे संक्रामक रोगों के फैलने की आशंका है।यह हाल तब है जब जिला प्रशासन 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक संचारी रोग नियंत्रण अभियान चला रहा है।
*….नजारे हम क्या देंखे-*
अभी हाल ही में मूर्ति विसर्जन तालाब के किनारे सोलर लाइट की व्यवस्था की गयी लेकिन तालाब में पसरी गंदगी से संक्रांमक रोगों के फैलने की आशंका व विषैले जंतुओं के भय से लोग तालाब के समीप जाने से डरते हैं।गांव के अनंत लाल,शरद श्रीवास्तव,बबलू पटेल,गोपाल लाल श्रीवास्तव,पवन चौबे आदि का कहना है कि सोलर लाइट लगाने से तालाब की सुंदरता बढ़ी है लेकिन साफ सफाई व पानी के अभाव में आखिरकार हम लोग कौन सा नजारा देखें।
*ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव को खबर नही-*
मूर्ति विसर्जन तालाब में फैली गंदगी एवं सीमेंटेड बेंच के तोड़े जाने के सम्बंध में जब ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव से बात की गयी तो उनका कहना था कि सीमेंटेड बेंच के तोड़े जाने की खबर उन्हें नहीं है।तालाब में पानी भरवाने व सफाई कराने के सम्बंध में पंचायत सचिव का कहना था कि यह मेरी जिम्मेदारी नहीं है।वहीं एडीओ पंचायत कमलेश सिंह का कहना था जल्द ही मूर्ति विसर्जन तालाब का निरीक्षण करके जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की संस्तुति करूंगा।