वाराणसी रिंग रोड से ट्रैफिक को
वाराणसी चिरईगाँव।पूर्वांचल के विकास के लिए बेहद अहम मानी जा रही वाराणसी रिंग रोड परियोजना का कार्य अंतिम चरण में है, लेकिन गंगा नदी पर पुल का निर्माण अधूरा रहने के कारण अभी भी पूरा रिंग रोड नेटवर्क आपस में जुड़ नहीं पाया है। इससे शहर में ट्रैफिक का दबाव कम होने की उम्मीदों को झटका लगा है।
रिंग रोड का पहला फेज (हरहुआ से संदहा) और दूसरे फेज का पहला पैकेज (राजातालाब से हरहुआ) पहले ही चालू हो चुका है और इन हिस्सों पर वाहनों की आवाजाही हो रही है। वहीं, दूसरे फेज के दूसरे पैकेज में संदहा से रेवासा तक की करीब 27 किलोमीटर लंबी सड़क पूरी तरह तैयार हो चुकी है।
इस हिस्से में गंगा नदी पर पुल का निर्माण किया जाना है, जो बाकी सड़कों को जोड़ने में सबसे अहम कड़ी है। पुल निर्माण की धीमी गति के कारण रिंग रोड का पूरा नेटवर्क सक्रिय नहीं हो पा रहा है। इस पुल पर हर 32 मीटर की दूरी पर लाइटिंग पोल लगाए जा रहे हैं, जिससे पुल पर रात्रिकालीन यात्रा को सुरक्षित और आसान बनाया जा सके। इसके अलावा निर्माण कार्य में रिहंद थर्मल पावर स्टेशन से फ्लाई ऐश का उपयोग किया जा रहा है।
परियोजना की निर्माण एजेंसी गैमन इंजीनियर्स एंड कांट्रैक्टर्स प्राइवेट लिमिटेड पर लगातार हो रही देरी के चलते करीब 94 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। संबंधित विभागों का कहना है कि पुल का कार्य शीघ्र पूरा किया जाएगा।
रिंग रोड पूरा होते ही यह परियोजना दिल्ली, लखनऊ, प्रयागराज, गोरखपुर, आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर जैसे शहरों से आने-जाने वाले ट्रैफिक को बिना वाराणसी शहर में प्रवेश किए नेपाल, बिहार, झारखंड, बंगाल और मध्य प्रदेश तक पहुंचने की सुविधा देगी। इससे शहर की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक कम होगा और यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा में समय की बचत होगी।