श्रम विभाग की योजनाओं के लाभान्वितों को मंत्री ने वितरित की धनराशि
वाराणसी : श्रम विभाग वाराणसी के अन्तर्गत सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा निर्माण श्रमिकों के हितार्थ चलाए जा रहे कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित होने वाले श्रमिकों को धनराशि का वितरण किया गया। यह कार्यक्रम श्री खंडेश्वरी बाबा इंटर कॉलेज, चांदपुर में आयोजित किया गया। श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर मुख्य अतिथि के रूप में इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत श्रमिक पंजीयन कैंप के उद्घाटन से हुई, जिसमें मंत्री अनिल राजभर ने सरकार के श्रमिकों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने बताया कि सरकार की यह मंशा है कि समाज के हर वर्ग को सरकारी योजनाओं का लाभ मिले। इस दौरान, डीएलसी धर्मेंद्र कुमार सिंह ने श्रमिकों को कल्याणकारी योजनाओं और नीतियों से अवगत कराया।
इस कार्यक्रम में वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर और चंदौली के 534 निर्माण श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के तहत 1.88 करोड़ रुपये वितरित किए गए। इसके अलावा, निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता योजना के तहत 26 श्रमिकों को 6.50 करोड़ रुपये, कन्या विवाह सहायता योजना के तहत 560 श्रमिकों को 3.08 करोड़ रुपये, और सन्त रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत 11 श्रमिकों को 43,500 रुपये का लाभ दिया गया। कुल मिलाकर, 1131 निर्माण श्रमिकों को 3.03 करोड़ रुपये की धनराशि से लाभान्वित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में मंत्री ने 34 लाभान्वित श्रमिकों के परिवारों को 82 लाख 19 हजार 220 रुपये का भुगतान भी किया।
योगी सरकार ने आठ साल में साढ़े सात लाख को दिया रोजगार
वाराणसी : श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने शनिवार को चांदपुर में आयोजित रोजगार मेले में भी हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने पिछले आठ वर्षों में 7.5 लाख लोगों को रोजगार प्रदान किया है, जिसमें 56 सौ श्रमिकों को इज़राइल में काम पर भेजा गया है, जहां वे हर महीने दो लाख रुपये कमा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले साल में सवा लाख लोगों को जर्मनी और जापान में महिला नर्स, भवन निर्माण और कारीगर जैसे कार्यों के लिए रोजगार मिलेगा। इसके लिए श्रम विभाग में रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य है।
इस मेला में 646 अभ्यर्थियों को जॉब ऑफर दिए गए, और कुल 7689 अभ्यर्थियों ने इसमें भाग लिया। जॉब ऑफर की राशि आठ हजार से लेकर 40 हजार रुपये तक थी।