वाराणसी.चिरईगाँव.। पशुपालकों के लिए राहत भरी खबर है। करीब पांच महीने के अंतराल के बाद पशुपालन विभाग द्वारा संचालित पशु बीमा योजना को एक बार फिर से शुरू कर दिया गया है। अब जिले के पशुपालक अपने दुधारू पशुओं का बीमा करवा कर पशु की मृत्यु की स्थिति में आर्थिक नुकसान से बच सकेंगे।
वाराणसी जिले में लगभग 4.50 लाख पशु पंजीकृत हैं। इन्हें सुरक्षित करने के लिए सरकार हर साल पशु बीमा योजना चलाती है। पिछले वर्ष करीब 3,000 पशुपालकों ने अपने पशुओं का बीमा कराया था, लेकिन अक्टूबर 2024 के बाद योजना में सब्सिडी की राशि नहीं मिलने के कारण इसे अस्थायी रूप से रोक दिया गया था।
अब वित्तीय वर्ष 2025-26 के तहत योजना को दोबारा लागू किया गया है। इस बार 5,900 पशुओं के बीमा का लक्ष्य तय किया गया है। योजना के तहत बीमा प्रीमियम की 85 प्रतिशत राशि सरकार सब्सिडी के रूप में देगी, जबकि पशुपालक को केवल 15 प्रतिशत ही अदा करनी होगी।
प्रीमियम दरें इस प्रकार होंगी:
50,000 रुपये कीमत के पशु पर एक साल का बीमा: ₹330
दो साल का बीमा: ₹597
तीन साल का बीमा: ₹822
उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. ओपी पांडेय ने बताया कि एक पशुपालक 10,000 रुपये से 75,000 रुपये मूल्य के अधिकतम 10 पशुओं तक का बीमा करवा सकता है। पशु चिकित्साधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे गांव-गांव जाकर पशुपालकों को योजना के प्रति जागरूक करें और उन्हें बीमा का लाभ दिलाएं।
इस योजना से पशुपालकों को पशु की अचानक मृत्यु की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा मिलेगी, जिससे उनका भरोसा पशुपालन में बना रहेगा और आमदनी पर विपरीत असर नहीं पड़ेगा।