चिरईगांव (वाराणसी)।
वाराणसी और चंदौली के लोगों के लिए एक बड़ी राहत और सौगात के रूप में लंबे समय से प्रतीक्षित रिंग रोड फेज-2 का एक लेन अब आवागमन के लिए खोल दिया गया है। रविवार को इसे औपचारिक रूप से चालू कर दिया गया, जिससे अब दोपहिया और छोटे चार पहिया वाहन इस मार्ग से आवाजाही कर सकेंगे। यह परियोजना पूर्वांचल के बुनियादी ढांचे के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
यह रिंग रोड वाराणसी के संदहा चौराहे से शुरू होकर चंदौली के रेवसा तक जाती है और इसकी कुल लंबाई 27.27 किलोमीटर है। इस रूट पर बना गंगा नदी पर 1.8 किलोमीटर लंबा और 30 मीटर ऊंचा पुल इस परियोजना का सबसे प्रमुख आकर्षण है, जो अब चिरईगांव ब्लॉक के बभनपुरा क्षेत्र से होकर गुजरता है।
परियोजना का उद्घाटन और जनसरोकार
रविवार को हुई इस ऐतिहासिक शुरुआत के अवसर पर पूर्व सांसद राम किशुन यादव ने कहा कि यह परियोजना दोनों जिलों के लोगों के लिए बहुत बड़ी सौगात है। उन्होंने यह भी कहा कि इसे दो वर्ष पहले ही शुरू हो जाना चाहिए था, लेकिन देरी के कारण लागत में वृद्धि हुई है।
तकनीकी और प्रशासनिक उपस्थिति
परियोजना के उद्घाटन अवसर पर महादेव कंस्ट्रक्शन प्रा. लि. के प्रबंध निदेशक अनुप कुमार सिंह, एजीएम आर.आर. मिश्रा सहित पूरी इंजीनियरिंग टीम—उमेश, अभिषेक सिंह, विकान्त सिंह, रोहित, रंजीत आदि की मौजूदगी रही।
परियोजना की लागत और निर्माण एजेंसियां
इस महत्वपूर्ण रिंग रोड और पुल निर्माण पर कुल 949 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आई है। इसका निर्माण गेमन कांट्रैक्टर्स प्राइवेट लिमिटेड और एमसीसी महादेव कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के संयुक्त सहयोग से किया गया है।
फिलहाल भारी वाहनों पर रोक
रिंग रोड के अधिकारियों के अनुसार फिलहाल भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगी हुई है। अभी केवल दोपहिया और छोटे चार पहिया वाहन दोनों ओर से इस पुल और मार्ग का उपयोग कर सकते हैं।