वाराणसी,
उत्तर प्रदेश शासन के कृषि विभाग के निर्देश पर जनपद वाराणसी में औद्योगिक इकाइयों द्वारा अनुदानित यूरिया के संभावित दुरुपयोग की जांच के लिए सोमवार को एक बड़ी कार्रवाई की गई। जिलाधिकारी के आदेश पर मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) हिमांशु नागपाल के नेतृत्व में कुल तीन टीमों का गठन कर छापेमारी अभियान चलाया गया।
इन टीमों ने जनपद में स्थित कुल 5 औद्योगिक इकाइयों एवं उनके गोदामों का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कहीं भी अनुदानित यूरिया का अवैध उपयोग नहीं पाया गया। टीमों द्वारा जांच की गई इकाइयों में कैटल फीड, कुक्कुट फीड, साबुन, पेंट, वार्निश, मुद्रण स्याही, वस्त्र, प्लाईवुड, लेमिनेटेड बोर्ड तथा पार्टीकल बोर्ड बनाने वाली इकाइयाँ शामिल थीं।
सीडीओ हिमांशु नागपाल ने बताया कि जिले की समस्त औद्योगिक इकाइयों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं कि वे अपने उत्पादन कार्यों में अनुदानित यूरिया का किसी भी रूप में प्रयोग न करें। यदि किसी निरीक्षण के दौरान ऐसा पाया गया तो संबंधित संस्थान पर उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के अंतर्गत कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह मौर्या ने जानकारी दी कि जनपद में सभी प्रकार के उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं और जिले के किसी भी क्षेत्र में उर्वरक की कमी नहीं है। साथ ही, अवैध रूप से उर्वरकों की कालाबाजारी करने वालों के विरुद्ध यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
छापेमारी टीम में सम्मिलित अधिकारी:
टीम-1: उप कृषि निदेशक अमित जायसवाल, रोहित कुमार सिंह, सहायक आयुक्त (उद्योग) संजीव कुमार
टीम-2: जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह मौर्या, सहायक प्रबंधक (उद्योग) ध्रुव सिंह
टीम-3: जिला कृषि रक्षा अधिकारी बृजेश विश्वकर्मा, सहायक प्रबंधक (उद्योग) श्रीपाल सिंह