वाराणसी। भ्रष्टाचार निरोधक टीम (एंटी करप्शन) ने सोमवार को मंडुवाडीह थाने में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक दरोगा और हेड कांस्टेबल को ₹15,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों में दरोगा अभय नाथ तिवारी और हेड कांस्टेबल शक्ति सिंह यादव शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार, पीड़ित व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि पुलिसकर्मी मुकदमे में राहत देने के बदले में उससे पैसे मांग रहे हैं। इसके बाद एंटी करप्शन टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाकर दोनों अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया।
थाना प्रभारी पर भी लगे गंभीर आरोप
मीडिया से बातचीत में पीड़ित ने मंडुवाडीह थाना प्रभारी भरत उपाध्याय पर भी सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। पीड़ित के अनुसार, थाना प्रभारी ने जबरन उसके पैंट में अवैध कट्टा और कारतूस रख दिए और उसके बाद ₹35,000 की वसूली की। यह आरोप पुलिस महकमे की छवि पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
जांच जारी, हो सकती है बड़ी कार्रवाई
पुलिस विभाग ने इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, यदि थाना प्रभारी की संलिप्तता की पुष्टि होती है, तो उनके खिलाफ भी विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल दरोगा और हेड कांस्टेबल को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
जनता में आक्रोश
इस घटना के बाद क्षेत्रीय जनता में नाराजगी और असुरक्षा की भावना देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि यदि थाने के अधिकारी ही इस तरह की हरकतों में लिप्त होंगे तो आम आदमी अपनी सुरक्षा के लिए किस पर भरोसा करेगा?
यह मामला उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए एक अग्निपरीक्षा की तरह है। अब देखना यह होगा कि जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी होती है या फिर मामला फाइलों में दबा दिया जाता है।