वाराणसी (चिराईगांव)
वाराणसी जिले के चिराईगांव ब्लॉक अंतर्गत गोबरहा ग्राम सभा में रहने वाले श्याम बिहारी का परिवार आज भी मूलभूत सरकारी सुविधाओं से वंचित है। कटान क्षेत्र के समीप बसे इस परिवार की स्थिति दयनीय है, लेकिन अब तक उन्हें केवल आश्वासन ही मिले हैं, सुविधाएं नहीं।
श्याम बिहारी के कुल पांच संतानें हैं, जिनमें से दो की शादी हो चुकी है। उनका कच्चा मकान कटान क्षेत्र के करीब स्थित है, जो हर साल आने वाली बाढ़ में खतरे की जद में रहता है। इसके बावजूद उन्हें अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना या किसी अन्य आवासीय सुविधा का लाभ नहीं दिया गया है। ग्राम प्रधान से कई बार गुहार लगाई गई, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल फॉर्म भरवाए गए और आश्वासन दिए गए।
तीन साल से नहीं मिला पोषाहार
श्याम बिहारी के बेटे के चार छोटे बच्चे हैं, जिन्हें पहले आंगनबाड़ी केंद्र से पोषण आहार दिया जाता था। लेकिन बीते तीन वर्षों से यह सुविधा भी बंद कर दी गई है। परिवार का कहना है कि उन्होंने कई बार अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ यह कहा गया कि “जल्द मिलेगा”।
बाढ़ पीड़ित के नाम पर सिर्फ फोटो खिंचवाए जाते हैं
बाढ़ के समय प्रशासन के कर्मचारी और जनप्रतिनिधि गांव में आकर फोटो तो खिंचवा लेते हैं, लेकिन राहत सामग्री और मुआवजा उनके घर तक नहीं पहुंचता। श्याम बिहारी का परिवार हर साल सूची में दर्ज होता है, पर सुविधाओं के नाम पर उन्हें अब तक कुछ नहीं मिला।
स्थानीय प्रशासन से न्याय की अपील
स्थानीय लोगों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि श्याम बिहारी के परिवार को प्राथमिकता के आधार पर आवास, पोषाहार और बाढ़ राहत योजना का लाभ दिया जाए। ग्रामसभा के ऐसे कई और परिवार हैं जो सरकारी योजनाओं से वंचित हैं।
“हमने कई बार प्रधान से कहा, ब्लॉक गए, लेकिन सिर्फ झूठा आश्वासन मिला। अब तो भरोसा ही नहीं रहा,” – श्याम बिहारी।
इस खबर के माध्यम से प्रशासन से अपील की जाती है कि इस पीड़ित परिवार को तुरंत राहत दी जाए और न्याय सुनिश्चित किया जाए।