चंदौली में आयुष हेल्थ केयर हॉस्पिटल का काला चेहरा उजागर
डीडीयू नगर, चंदौली – जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की लापरवाही और पैसों की भूख ने एक 17 वर्षीय मासूम की जान ले ली। मामला डीडीयू नगर के आयुष हेल्थ केयर हॉस्पिटल का है, जहां इलाज के नाम पर परिजनों से पैसे की मांग की गई और रकम न मिलने पर न तो मरीज को दूसरे अस्पताल रेफर किया गया और न ही सही इलाज मुहैया कराया गया।
परिजनों का आरोप है कि जब डॉक्टरों से कहा गया कि मरीज को कहीं और ले जाएंगे तो उन्होंने पैसे जमा न करने का हवाला देकर युवती को रोक लिया। युवती की मौत दोपहर में ही हो गई थी, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने बवाल से बचने के लिए मौत की जानकारी रात में दी।
👉 डॉक्टर का चौंकाने वाला बयान – “परिजनों के पास पैसे नहीं थे, तो हम मरीज को कैसे छोड़ देते।”
👉 जनतंत्र मीडिया के पास डॉक्टर का यह ऑडियो क्लिप मौजूद है।
*🔴 बड़े सवाल उठे*
जब मरीज को संभाल नहीं पा रहे थे तो आयुष हेल्थ केयर की एम्बुलेंस ने उसे किसी बड़े अस्पताल रेफर क्यों नहीं किया?
क्या पैसों की कमी के कारण अब मासूमों की जिंदगी यूं ही कुर्बान होती रहेगी?
जिले का स्वास्थ्य विभाग और जिम्मेदार अधिकारी आखिर चुप क्यों बैठे हैं?
*🚨 पुलिस की भूमिका पर भी सवाल*
परिवार का गंभीर आरोप है कि पुलिस मौके पर पहुंचने के बाद बोली – “आप अपना देख लो और पोस्टमार्टम करा लो।”
अब सवाल यह है कि क्या पुलिस प्रशासन की कोई जिम्मेदारी नहीं बनती कि ऐसे अस्पतालों पर शिकंजा कसा जाए? या फिर पुलिस भी किसी दबाव में थी?
*⚖️ अब देखना है…*
जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी और प्रशासन इस घोर लापरवाही व मानवीय संवेदनहीनता पर सख्त कार्रवाई करेंगे या सिर्फ कागजी खानापूर्ति होगी।
यह घटना स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन दोनों की कार्यप्रणाली पर गहरे सवाल खड़े करती है। अगर अब भी कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले समय में ऐसे “पैसों के भूखे” हॉस्पिटल और न जाने कितनी जिंदगियां निगल लेंगे।
रिपोर्ट शिवम् विश्वकर्मा