घोरावल के पत्थरों पर कौन लिखेगा विजय की गाथा
सहयोगी से मुखातिब हुए सपा प्रत्याशी
रावर्ट्सगंज (सोनभद्र)
जिले की घोरावल सामान्य सीट पर अपना दल कमेराबादी के प्रत्याशी सुरजीत सिंह ने अपना नाम वापस न लेकर सपा प्रत्याशी रमेश दुबे की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सपा के साथ प्रदेश में विधानसभा चुनाव लड़ रहे अपना दल कमेरा वादी प्रत्याशी के इस दाव की चर्चा पूरे जोर-शोर से हो रही है। कि अरबों रुपए के पत्थरों से तथाकथित घोटाले से ज्यादा हो रही है। घोटाले के पत्थरों पर विजय की गाथा कौन लिखेगा ? यह तो 7 मार्च को होने वाला मतगणना ही तय करेगा।
सहयोगियों के बीच हो रही नूरा कुश्ती का फायदा भाजपा प्रत्याशी डॉक्टर अनिल कुमार मौर्या को कितना मिलेगा, इसका पैमाना कोई भी चुनावी रणनीतिकार तय नहीं कर पा रहे हैं। क्यों कि घोरावल विधानसभा से बसपा ने मोहन सिंह कुशवाहा को चुनावी जंग में उतारकर भाजपा के वोटों में भारी सेंध लगाने की पुरजोर कोशिश की है। वहीं कांग्रेस ने भी बिंदेश्वरी सिंह को टिकट देकर भाजपा बसपा दोनों के समीकरण पर प्रभाव डालने का खाका खींच दिया है। लोग कांग्रेस प्रत्याशी को विजय की दौड़ में भले न माने मगर बाकी दो दलों की सेहत पर उनकी उम्मीदवारी से असर जरूर पड़ेगा।
जिले के चारों सीटों में से सबसे ज्यादा घोरावल विधानसभा सीट पर कुल मिलाकर इन्हीं चार दलों के बीच का संघर्ष है। पत्थर घोटाले में रमेश दुबे के साथ-साथ डॉक्टर अनिल कुमार मौर्या का नाम भी आने के बाद उस मामले में जानकार बताते हैं पत्थर के लिए क्या इस क्षेत्र के मतदाताओं ने वर्ष 2012 में सपा से रमेश दुबे को जिताया था तो पिछली बार इसी सीट से भाजपा के डॉक्टर अनिल कुमार मौर्या को विजय श्री का ताज पहनाया था।
Up 18 news report by Anand Prakash Tiwari