छठ महापर्व पर प्रशासनिक लापरवाही: सुल्तानपुर गांव के पोखरे अब तक गंदे, श्रद्धालुओं में भारी नाराज़गी

चंदौली। छठ महापर्व की तैयारियों के बीच चकिया तहसील क्षेत्र के सुल्तानपुर गांव से प्रशासनिक उदासीनता की बड़ी खबर सामने आई है। पर्व को कुछ ही दिन शेष हैं, लेकिन गांव के तालाबों (पोखरों) और छठ घाटों की अब तक सफाई नहीं हो पाई है। गंदगी के कारण व्रती महिलाओं और श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गंदे पानी में अर्घ्य देने की मजबूरी!
हर साल की तरह इस बार भी छठ महापर्व के मौके पर गांव के पोखरों की हालत बेहद ख़राब है। तालाबों में जमा गंदगी और काई के कारण स्थानीय लोगों की आस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते सफाई नहीं हुई, तो व्रती महिलाओं और बच्चों को मजबूरन गंदे पानी में खड़े होकर सूर्य देव को अर्घ्य देना पड़ेगा।
प्रधान प्रतिनिधि का टालमटोल रवैया:
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार ग्राम प्रधान से पोखरों की सफाई करवाने की मांग की, लेकिन उनकी अपील को लगातार अनसुना किया गया।
वहीं, इस संबंध में प्रधान प्रतिनिधि का कहना है कि पोखरे की सफाई जल्द कराई जाएगी। उन्होंने दावा किया कि काई को फैलने से रोकने के लिए तालाबों में जाली लगाई गई है। हालांकि, पूरी तरह सफाई न होने के कारण गांव के लोग प्रधान के इस दावे से संतुष्ट नहीं हैं और उनमें गहरी निराशा है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है कि छठ पर्व शुरू होने से पहले ही सफाई कार्य पूरा कराया जाए, ताकि श्रद्धालु पवित्र और स्वच्छ वातावरण में महापर्व मना सकें।





