अपहृता को संरक्षण देने के मामले में अध्यापक को मिली जमानत
⚡वाराणसी। भांजे द्वारा अपहृत किशोरी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के मामले आरोपित अध्यापक को जमानत मिल गयी। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) राजेन्द्र प्रसाद पाण्डेय की अदालत ने खिदिरगंज, सादात (गाजीपुर) निवासी आरोपित दिवाकर यादव को 50-50 हजार रुपए की दो जमानतें एवं बंधपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, विकास सिंह व रेयाजुद्दीन उर्फ बंटी खान ने पक्ष रखा।
⚡अभियोजन पक्ष के अनुसार चौबेपुर के कसिहर गांव निवासी सुनील कुमार चौबे ने 6 जनवरी 2021 को चौबेपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि उसकी 14 वर्षीय भतीजी चौबेपुर बाजार में स्थित आरके यादव की कोचिंग में पढ़ती थी। 6 जनवरी 2021 को भी उसकी भतीजी घर से कोचिंग पढ़ने गयी थी, लेकिन वापस घर नहीं लौटी। इसके बाद जब उसकी जानकारी के लिए कोचिंग संचालकबके मोबाइल पर फोन किया तो उसका मोबाइल स्वीच ऑफ था। आशंका है कि कोचिंग संचालक राहुल यादव उसकी भतीजी को भगा ले गया है। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की विवेचना में यह तथ्य प्रकाश में आया कि अपहृता को संरक्षण देने में राहुल यादव के मामा दिवाकर यादव का भी हाथ है। उसके बाद पुलिस ने उसे अपहृता को संरक्षण देने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
UP 18 NEWS से प्रदीप कुमार की रिपोर्ट