🗑️ छितौना ग्राम सभा की बदहाली: कूड़ाघर बना खंडहर, विकास की धारा अवरुद्ध
चिरईगांव ब्लॉक, वाराणसी: चिरईगांव ब्लॉक के तहत आने वाली ग्राम सभा छितौना आज घोर लापरवाही और उपेक्षा का शिकार है। यह ग्राम सभा अपने विकास की राह में केवल इसलिए पिछड़ रही है, क्योंकि यहां के स्थानीय पदाधिकारियों—खासकर ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी (VDO)—की कार्यशैली पूरी तरह से उदासीन और गैर-जिम्मेदार है।
ग्राम सभा छितौना में लाखों रुपए की लागत से निर्मित आरआरसी (RRC) सेंटर या कूड़ा प्रबंधन केंद्र की स्थिति आज बेहद दयनीय है। यह केंद्र, जिसे गांव के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा के रूप में स्थापित किया गया था, अब मात्र एक खंडहर बनकर रह गया है। कूड़ा घर के नाम पर बना यह ढांचा पूरी तरह से निष्क्रिय है, और इस पर खर्च हुआ लाखों रुपया सीधे तौर पर बर्बाद हो चुका है। ग्रामीण खुले में कचरा फेंकने को मजबूर हैं, जिससे पर्यावरण और जन-स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है।
इस बदहाली का मुख्य कारण ग्राम विकास अधिकारी (VDO) की अक्षम्य लापरवाही है। ग्रामीणों के अनुसार, VDO को ग्राम सभा में आए हुए महीनों बीत जाते हैं। उनका गांव के प्रति यह अद्भुत गैर-हाजिरी का रवैया विकास योजनाओं के कार्यान्वयन पर सीधा ब्रेक लगाता है। निगरानी, फंड का उचित उपयोग, और सरकारी सुविधाओं को जनता तक पहुँचाने की जिम्मेदारी निभाने वाला यह महत्वपूर्ण पद केवल कागज़ों तक सिमट कर रह गया है।
नतीजतन, छितौना ग्राम सभा विकास की हर सुविधा से पिछड़ी हुई महसूस कर रही है। चाहे वह स्वच्छता हो, सरकारी योजनाओं का लाभ हो, या बुनियादी ढांचा हो, ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी की निष्क्रियता के कारण ग्राम सभा में विकास की धारा पूरी तरह से रुकी हुई है। यह स्थिति तत्काल उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप की मांग करती है ताकि लाखों के खर्च को बर्बाद होने से बचाया जा सके और ग्राम सभा को उसका हक मिल सके।






