वाराणस
चिरईगांव (वाराणसी)। वाराणसी के चिरईगांव ब्लॉक में कड़ाके की ठंड और शीतलहर ने पशु-पक्षियों समेत आम जनजीवन को झकझोर कर रख दिया है। एक ओर जहाँ पारा गिर रहा है, वहीं दूसरी ओर राजस्व विभाग राहत के नाम पर केवल ‘कागजी अलाव’ जलाकर अपनी जिम्मेदारी से इतिश्री कर रहा है।
6 दिसंबर के आदेश का नहीं हुआ पालन
राजस्व विभाग ने बीते 6 दिसंबर को ही क्षेत्र के प्रमुख स्थानों पर अलाव जलाने का निर्देश जारी किया था। इसके लिए भगतुआं बाजार, जाल्हूपुर, गौराकलॉ, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र चिरईगांव, उमरहां बाजार, डूबकियां और नरपतपुर को चिन्हित किया गया था। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि केवल प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र चिरईगांव को छोड़कर अन्य किसी भी चिन्हित स्थान पर सरकारी अलाव नहीं जल रहा है।
जनता का दर्द: “अपने खर्च पर जला रहे आग”
क्षेत्र के लोगों में प्रशासन की इस अनदेखी को लेकर भारी आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया:
जाल्हूपुर के अतुल विश्वकर्मा, शुभम यादव और असितोष ने बताया कि यहाँ अलाव की कोई व्यवस्था नहीं है।
भगतुआं के सदानंद सिंह और उमरहां के बचाऊ का कहना है कि राजस्व विभाग के कर्मचारी क्षेत्रों में आते ही नहीं हैं।
गौराकलॉ के ग्राम प्रधान राजू ने स्पष्ट किया कि अलाव जलाना तो दूर, विभाग का कोई कर्मी सुध तक लेने नहीं आया। लोग मजबूरन अपने निजी खर्चों पर लकड़ी का इंतजाम कर ठंड से बचने की कोशिश कर रहे हैं।
जिम्मेदारों का रटा-रटाया जवाब
जब इस संबंध में नायब तहसीलदार शैलेश सिंह से सवाल किया गया, तो उन्होंने वही पुराना आश्वासन दोहराया। उन्होंने कहा कि “लेखपालों को निर्देशित किया गया है कि चिन्हित जगहों पर अलाव की व्यवस्था करें। अगर कहीं अलाव नहीं जल रहा है, तो इसकी जांच करवाकर व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।”





