वाराणसी (चिरईगाँव): विकास खंड चिरईगाँव की मोकलपुर ग्राम सभा में सफाई व्यवस्था के नाम पर न केवल खानापूर्ति हो रही है, बल्कि पर्यावरण नियमों की सरेआम धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यहाँ तैनात सफाई कर्मी कूड़ा उठाने के बजाय उसे जला देते हैं, जिससे पूरे गाँव में जहरीला धुआं फैल रहा है।
कूड़ा उठान नहीं, सिर्फ ‘अग्निकांड’: पंचायत सहायक सुनील, ग्रामीण पप्पू निषाद, पिंटू निषाद, बीरेंद्र और रघुनाथ ने बताया कि सफाई कर्मी गाँव से कचरा बाहर ले जाने की जहमत नहीं उठाते। वे सारा कूड़ा एक जगह इकट्ठा करते हैं और उसमें आग लगा देते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मना करने पर भी वे नहीं मानते। कूड़ा जलने से उठने वाले धुएं के कारण बुजुर्गों और बच्चों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है।

फोटो खींचकर रफूचक्कर हो जाते हैं कर्मी: ग्रामीणों ने शिकायत की है कि ये कर्मी सुबह 11 से 12 बजे के आसपास आते हैं। आते ही सबसे पहले फोटो सेशन होता है ताकि रिकॉर्ड में सफाई दिखाई जा सके। इसके बाद कूड़े के ढेरों में आग लगाकर 1 बजे तक ये कर्मी गाँव से गायब हो जाते हैं।
ग्रामीणों की मुख्य मांगें:
कूड़े का सुरक्षित निस्तारण किया जाए, उसे जलाया न जाए।
सफाई कर्मियों के आने-जाने का समय निर्धारित हो (सुबह 7 से 2 बजे तक)।
लापरवाह कर्मियों के खिलाफ एनजीटी के नियमों के उल्लंघन का मामला दर्ज हो





