काशी में 21 विद्वान ब्राह्मणों ने श्रीयंत्र स्थापित कर किया पूजन, शरद पूर्णिमा पर महापूजा और हवन
पं. अशोक द्विवेदी के आचार्यत्व में संपन्न हुए धार्मिक अनुष्ठान, देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालु; सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
वाराणसी। धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी में शरद पूर्णिमा के अवसर पर वेद पारायण केंद्रम् न्यास की ओर से आयोजित शरदकाले महापूजा के दूसरे दिन रविवार को श्रीयंत्र स्थापना, पूजन, श्रीमंत्र जप, सहस्रार्चन और हवन सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। रवींद्रपुरी स्थित केंद्रम् परिसर में पं. अशोक द्विवेदी के आचार्यत्व में 21 विद्वान ब्राह्मणों ने विधि-विधान के साथ पूजन-अर्चन किया।
धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होने और हवन कुंड में आहुति अर्पित करने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंचे। कार्यक्रम में आईएएस सुरेश चंद्रा, इनकम टैक्स बार के पूर्व अध्यक्ष ओमप्रकाश शुक्ला, दिग्विजय सिंह और अशोक त्रिपाठी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से भक्तिमय हुआ वातावरण
वेद पारायण केंद्रम् न्यास के 44वें वार्षिक समारोह के अंतर्गत आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ आर्या देशपांडे ने गणपति वंदना से किया। इसके बाद शिव विषयक भरतनाट्यम् की मनोहारी प्रस्तुति दी गई। पंचाक्षर स्तोत्र पर भावपूर्ण नृत्य के साथ उन्होंने अपनी प्रस्तुति का समापन किया।
कार्यक्रम में डाक्टर मधुमिता भट्टाचार्य तथा कथक नृत्यांगनाओं विशालाक्षी त्रिपाठी और रतन त्रिपाठी ने भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भावविभोर किया। वहीं ब्राह्मी त्रिपाठी ने अपनी कथक प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोह लिया।
हर्षराज द्विवेदी रहे कार्यक्रम संयोजक
धार्मिक अनुष्ठानों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से कार्यक्रम में भारतीय वैदिक परंपरा, आध्यात्मिक साधना और शास्त्रीय कलाओं का सुंदर समन्वय देखने को मिला। कार्यक्रम का संयोजन हर्षराज द्विवेदी ने किया।




