Sunday, April 19, 2026
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पुत्र की लंबी उम्र के लिए माताओं ने की जीवित्पुत्रिका व्रत*

*पुत्र की लंबी उम्र के लिए माताओं ने की जीवित्पुत्रिका व्रत*

#निर्जला व्रत रखकर माताओं ने पुत्र की लंबी आयु के लिए की कामनाएं#

बीजपुर/सोनभद्र। हिंदू धर्म में जितिया व्रत का बहुत अधिक महत्व होता है। इस व्रत में महिलाएं संतान की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं। इस व्रत को जिउतिया, जितिया,जीवित्पुत्रिका, जीमूतवाहन व्रत के नाम से भी जाना जाता है आश्विन मास के कृष्ण पक्ष से इस व्रत की शुरुआत हो जाती है और व्रत का समापन आश्निन मास के कृष्ण पक्ष की नवमी पर होता है। जीवित्पुत्रिका व्रत संतान प्राप्ति और उसकी लंबी आयु की कामना के साथ किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत को करने से संतान के सभी कष्ट दूर होते हैं।
आपको बताते चलें कि न्याय पंचायत जरहा के जरहां चेतवा, नेमना, डोडहर,सिरसोती,बीजपुर के विभिन्न इलाकों में यह पर्व मनाया जाता है। इस दौरान क्षेत्र के मंदिरों पर महिलाओं का काफी भीड़ लगी रही।महिलाए सपने पुत्र की दीर्घायु के लिए इस कठिन व्रत में 36 घंटे का निर्जल उपवास रखकर व्रत को करती हैं मान्यताओं के अनुसार गंधर्वों के राजकुमार जीमूतवाहन अपने जीवन का दांव पर लगाकर नागवंश की रक्षा करते हैं। जीमूतवाहन के अदम्य साहस से नाग जाति की रक्षा हुई और तब से पुत्र की सुरक्षा हेतु जीमूतवाहन की पूजा की प्रथा शुरू हो गई।. इस व्रत में मिट्टी और गाय के गोबर से चील व सियारिन की मूर्ति बनाई जाती है. इनके माथे पर लाल सिंदूर का टीका लगाया जाता है. पूजा समाप्त होने के बाद जीवित्पुत्रिका व्रत की कथा सुनी जाती है. महिलाएं पारण के बाद यथाशक्ति दान और दक्षिणा देंती हैं

 

Up 18 न्यूज़ से विजय कुमार कि रिपोर्ट

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