*रामनगर थाना प्रभारी की सक्रियता से बचा मंजीत तिवारी की जान*
*फरिश्ता बनकर पहुँची रामनगर पुलिस गंगा में कूदने जा रहे युवक की बचाई जान परिजनों में दौड़ी खुशी की लहर*
*जान लेने वालों से जान बचाने वाला बड़ा होता है बुधवार को वाराणसी जिले में ये कहावत एक बार फिर चरितार्थ हुई,वाराणसी पुलिस के दो जवानों ने घर वालों की फटकार से नाराज युवक को गंगा में कूदने से बचा लिया चहुओर हो रही प्रशंसा*
वाराणसी -जान लेने वालों से जान बचाने वाला बड़ा होता है।बुधवार तड़के सुबह वाराणसी जिले में ये कहावत एक बार फिर चरितार्थ हुई।वाराणसी पुलिस के दो जवानों ने घर वालों की फटकार से नाराज युवक को राजघाट पुल से गंगा में कूदने से बचा लिया।अब जिले भर में सिपाहियों की जमकर सराहना हो रही है।प्राप्त जानकारी के मुताबिक शिवपुर थाना क्षेत्र के चाँदमारी निवासी 19 वर्षीय युवक मंजीत तिवारी को किसी बात पर पिता करुनानिधि तिवारी जो इंडियन आर्मी में असम में इस वक्त तैनात हैं वह छुट्टी पर घर आये हुए थे उन्होंने फटकार दिया जिससे नाराज होकर मंजीत बिना बताए आटो रिजर्व कर राजघाट पुल पहुँच गंगा में कूदकर सुसाइड करने वाला था इसी बीच परिजनों द्वारा मंजीत से फोन कर वार्तालाप किया गया तो लोकेशन राजघाट मिला । उपरांत परिजनों ने तत्काल परिजन रामनगर प्रभारी निरीक्षक अश्वनी चतुर्वेदी को सूचना दिए।सूचना पाते ही मामले को गम्भीरता से लेते हुए प्रभारी निरीक्षक रामनगर ने सुजाबाद चौकी प्रभारी को तत्काल राजघाट पुल पर भेजकर युवक को बचाने का कार्य करते हुए एक मिशाल पेश किया है।कहते हैं जाको राखे साइयां मार सके ना कोय। शायद यह कहावत इस घटना पर सटीक बैठती है।परिजन बेटे को पाते ही फुले नही समाये परिजनों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी,पिता करुनानिधि तिवारी सहित माँ भाई बहन ने जान बचाने वाले पुलिसकर्मियों को सहृदय धन्यवाद दिया।इस नेक व सराहनीय कार्य की चर्चा चहुओर जोरो पर हो रही है।