जंगलराज का नहीं है शासन।
यूपी.में है,सुशासन।
यथायोग्य सहयोग मिल रहा,
जरुरतमंद लोगों को राशन।।
यूपी.में है, सुशासन।।
नहीं चल रहा नौकरी में दलाली,
शिक्षा माफिया नहीं दिखते दुशासन।
यूपी.में है, सुशासन।
भेद-भाव का नहीं है जोर,सबके
प्रति समरसता पूर्ण प्रशासन।
यूपी.में है, सुशासन।।
चौबीस घंटे बिजली, सुंदर सड़क,
स्वच्छ प्रशासन।
यूपी.में है, सुशासन।
जनसुनवाई की त्वरित जवाबदेही,
घर-घर पुलिस पहुंच दे रही स्वच्छ
प्रक्रिया पन।।
यूपी.में है, सुशासन।।
कवि इंद्रजीत तिवारी निर्भीक
असांव, नगसर, गाजीपुर,
उत्तर प्रदेश।