पत्रकारों के साथ कोतवाल ने किया दुर्रब्यवहार, पत्रकारों ने किया प्रेस कान्फ्रेन्स का बहिष्कार
सोनभद्र। प्रदेश की योगी सरकार के चार वर्ष पूरा होने पर शुक्रवार को डायट परिसर में आयोजित समारोह के दौरान प्रभारी मंत्री से शिकायत करने गए दम्पति को रॉबर्ट्सगंज कोतवाल द्वारा घसीट कर पीछे करने की पत्रकारों द्वारा फोटो खीचना कोतवाल को नागवार लग गया। जब पत्रकारों ने कोतवाल का विरोध किया तो वे पत्रकारों से बदसलूकी पर उतर आये इससे नाराज पत्रकारों ने कार्यक्रम स्थल व कलेक्ट्रेट में गांधी प्रतिमा के सामने धरना दे कर कोतवाल के खिलाफ त्वरित कार्रवाई के लिए प्रभारी मंत्री की प्रेस कांफ्रेंस के बहिष्कार कर दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद मुख्यालय स्थित डायट परिसर में आयोजित भव्य समारोह में प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री हजारों की भीड़ को संबोधित करते हुए प्रदेश की योगी सरकार के चार वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियां गिना रहे थे। इसी दौरान अपने बेटे की हत्या के बावजूद पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने की शिकायत करने गये दम्पति मंत्री के पास पहुंच गये। पीड़ित दम्पति ने ज्यों ही मंत्री को प्रार्थना पत्र देना चाहा तभी उसपर सदर कोतवाल की नजर पड़ गई। इतना देखते ही कोतवाल ने दोनों को पकड़ कर घसीटते हुए पीछे कर दिया। कोतवाल के क्रियाकलाप को देखते ही जब पत्रकारों ने फोटो लेने का प्रयास किया तो वे पत्रकारों से भी बदसलूकी कर बैठे। इतना ही नहीं वे पत्रकारों के विरुद्ध अपमान जनक टिप्पणी करते हुए रूखी आवाज में बोले कि पत्रकार अपना काम करें वे अपना काम कर रहे हैं। इतना सुनते ही पत्रकार नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्यक्रम स्थल पर ही धरने पर बैठ गये। पत्रकारों के धरना देते ही सदर विधायक भूपेश चौबे भी धरने पर बैठकर कोतवाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। समारोह स्थल से कार्यक्रम के सम्पन्न होने पर जब मंत्री पत्रकार वार्ता करने कलेक्ट्रेट पहुंचे तो पत्रकारों ने उनसे पहले ही कलेक्ट्रेट पहुंच कर गांधी प्रतिमा के सामने धरना दे कर कोतवाल के विरुद्ध कार्रवाई के बाद ही प्रेस कांफ्रेंस की बात पर अड़ गये। सूचना पाते ही मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी अभिषेक सिंह, पुलिस अधीक्षक अमरेन्द्र प्रसाद सिंह, सीडीओ डा अमरपाल शर्मा एडीएम योगेंद्र बहादुर सिंह सीओ नगर राजकुमार त्रिपाठी ने पत्रकारों को आस्वासन दिया कि वे मामले की जांच कर कोतवाल के खिलाफ गुण दोष के आधार पर करवाई करेंगे। इससे पहले पत्रकार बंधु मंत्री से प्रेसवार्ता करे तो अच्छा होगा। परंतु पत्रकार कोतवाल के खिलाफ कार्रवाई के बाद ही प्रेसवार्ता में शामिल होने की मांग पर अड़ गये। जिसके चलते जिले के प्रभारी मंत्री को बगैर कांफ्रेंस किये वापस जाना पड़ा। समाचार लिखे जाने तक कोतवाल के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं हो पाई थी।
कोतवाल के दुर्व्यवहार से नाराज पत्रकारों ने दिया धरना।
बगैर पत्रकार वार्ता के वापस हुए जिले के प्रभारी मंत्री।