Friday, August 29, 2025

राष्ट्रीय समानता दल ब्लॉक कर्मा ईकाई द्वारा संवाद कार्यक्रम का हुआ आयोजन। 

राष्ट्रीय समानता दल ब्लॉक कर्मा ईकाई द्वारा संवाद कार्यक्रम का हुआ आयोजन।

(T T M NEWS मधुपुर सोनभद्र से अजय कुमार की रिपोर्ट)

सोनभद्र। आज दिनाँक 21 मार्च 2021 दिन रविवार को विकास खंड कर्मा के ग्राम पंचायत परही में राष्ट्रीय समानता दल ब्लाक कर्मा इकाई द्वारा “सरकार की नीतियां और जनता पर उसका प्रभाव” विषय पर एक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय समानता दल के प्रदेश अध्यक्ष संजयदीप ने कहा कि देश की अदालतों में जजों की नियुक्ति की प्रणाली कॉलेजियम व्यवस्था कहा जाता है। कॉलेजियम व्यवस्था के अंतर्गत सुप्रीम कोर्ट के मुख्य‍न्यायाधीश के नेतृत्व में बनी वरिष्ठ जजों की समिति जजों के नाम तथा नियुक्ति का फैसला करती है। सुप्रीम कोर्ट तथा हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति तथा तबादलों का फैसला भी कॉलेजियम ही करता है। हाईकोर्ट के कौन से जज पदोन्नत होकर सुप्रीम कोर्ट जाएंगे यह फैसला भी कॉलेजियम ही करता है।उल्लेखनीय है कि कॉलेजियम व्य‍वस्था का उल्लेख न तो मूल संविधान में है और न ही उसके किसी संशोधन प्रावधान में है।कॉलेजियम ब्यवस्था पिछड़े, दलित, आदिवासी, बनवासी समाज को न्यायालयों में हिस्सेदारी से रोकता है तथा योग्य व विधि विद्वानों के साथ धोखा है। सामाजिक न्याय की अवधारणा के विरुद्ध है। न्यायपालिकाओं में कॉलेजियम ब्यवस्था बन्द होनी चाहिए।प्रवक्ता धर्मेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि लोकतंत्र तमाम कोशिशों के बाद भी ख़त्म नहीं हुआ है, यही इस सरकार की शायद सबसे बड़ी असफलता है। कितने जतन किये – नोटबंदी की, जीएसटी लागू किया, जम्मू और कश्मीर को तोड़ कर सेना के हवाले कर दिया, हरेक राज्य में विपक्षी विधायक खरीदे, सारे संवैधानिक संस्थाओं को पालतू बना लिया, न्यायपालिका की आँखे बंद कर दीं, मीडिया को सरकारी भोपू बना दिया, दंगे करवाए, मानवाधिकार का हनन लगातार किया, अंग्रेजों से अधिक राजद्रोही पैदा कर दिए, पुलिस को अपराधियों को पकड़ने के बदले सरकारी नीतियों के विरोधियों को पकड़ने का ठेका दे दिया। आन्दोलनों को कुचला और भी बहुत कुछ किया पर आश्चर्य है कि लोकतंत्र को कुचलने में सफलता अभी तक नहीं मिली। अब तो सरकार को नए सिरे से इस असफलता का विश्लेषण करना पड़ेगा। युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव डॉ राकेश कुमार ने कहा कि 3 मार्च 2021 को अमेरिका के वाशिंगटन स्थित फ्रीडम हाउस ने वर्ष 2020 की वार्षिक रिपोर्ट “डेमोक्रेसी अंडर सीज” के नाम से प्रकाशित किया है। इसके अनुसार भारत, जो वर्ष 2019 तक लोकतंत्र था, अब कुल 67 अंक के साथ आंशिक लोकतंत्र है। दुनिया की केवल 20 प्रतिशत आबादी लोकतंत्र में सांस ले रही है और 38 प्रतिशत आबादी तानाशाही में जी रही है। अमेरिका ने तो लोकतंत्र को बहाल कर लिया, पर हमारे देश में लोकतंत्र का सरकारी तौर पर खूब माखौल उड़ाया जा रहा है। देश में लोकतंत्र बचाने वाले देशद्रोही करार दिए जा रहे हैं और जो लोकतंत्र की सरेआम हत्या कर रहे हैं वे देशभक्त बताये जा रहे हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे ब्लाक अध्यक्ष शशि कुमार ने कहा कि हमारे देश में एक ऐसा लोकतंत्र है जहां सत्ता में बैठे लोग अपने आप को सरकार नहीं मान रहे बल्कि देश को अपनी जागीर समझ बैठे हैं।कार्यक्रम का संचालन अनिल सिंह पटेल ने किया।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने जनविरोधी नीतियों के विरोध में प्रदेश अध्यक्ष को हस्ताक्षरित समर्थन पत्र दिया।

समर्थन पत्र देने वालों में जय सिंह पटेल, सुरेश कोल, धर्मराज कोल, जेम्सवाट प्रसाद, जयप्रकाश मौर्य, अवधेश मौर्य, प्रमोद यादव, राधे पनिका, मोहन कुशवाहा, मुर्रेनाथ, राजदेव मौर्य, राजेश मौर्य, राजेन्द्र मौर्य, एडवोकेट राजेश, घनश्याम कुशवाहा, राहुल प्रजापति, विभव पांडेय, हैदर, मुस्तकीम, सरिता देवी, मोहनी देवी, राधा देवी, मैना देवी पूनम गुपता इत्यादि सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

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