रोहनिया
काशी विद्यापीठ
महिला नेतृत्व व भागीदारी पर हुई चर्चा
महिला चेतना समिति के तत्त्वाधान में और लोक चेतना समिति के सहयोग से समूह सम्मेलन के क्रम मेंरोहनिया कार्यालय पर समूह सम्मेलन का आयोजन किया गया । समूह सम्मेलन का विषय रहा *महिला नेतृत्व व पंचायत में भागीदारी* कार्यक्रम में वक्ताओं द्वारा महिलाओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि समूह का गठन इस सोच के साथ किया गया कि महिलाएं समूह के माध्यम से संगठित होगी,आर्थिक रूप से मजबूत होगी,सामुहिक और व्यक्तिगत रूप से रोजगार कर समाज व पंचायत में भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेगी और देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएगी।पंचायती राज अधिनियम अच्छे से लागू हो,पंचायत में सामाजिक समरसता व सभी वर्गो का समावेशन हो ,महिला,किशोरी हिंसा न हो,और महिलाएं आर्थिक रुप से शसक्त हो इन मुद्दों पर समूह संगठन से जुड़ी महिलाओं को नेतृत्व अपने हाथ मे लेना होगा,संविधान में सभी को बराबरी का अधिकार मिला है और तमाम योजनाएं भी महिलाओं के आर्थिक शसक्तीकरण के लिये चलाये जा रहे है हमे जरूरत है बस संगठित होकर प्रयास करने की,सम्मेलन में सामुहिक रूप से यह मांग उठी की महिला हिंसा न हो,सबको रोजगार की व्यवस्था हो तथा सबसे जरूरी है कि प्रदेश में शराब का क्रय विक्रय बन्द किया जाय और जो पार्टी हमारी इन मांगों को अपने घोषणा पत्र में शामिल करेगी हम उसी को अपना मत देगे। संविधान द्वारा हम सबको बराबरी का अधिकार हर क्षेत्र में मिला है हम उसे लेकर रहेंगे अब कोई हमे बहला फुसलाकर हमसे हमारा अधिकार छीन नही सकता है।कार्यक्रम में हरपालपुर, नरउर,मिसिरपुर, मड़ाव की भागीदारी रही। जिसमे मुख्य रूप से गीता,रीता, पूनम,दीपा,रीना, अमरकला, बसन्ती, समेत दर्जनों महिलाएं व लोक चेतना समिति से रचना,शर्मिला व प्रियंकाकी भागीदारी रही।
UP 18 NEWS से राजेश मिश्रा की रिपोर्ट