Friday, August 29, 2025

पुरानी पेंशन की मांग करते हुए रेलकर्मियों का राष्ट्रव्यापी धरना-प्रदर्शन

*पुरानी पेंशन की मांग करते हुए रेलकर्मियों का राष्ट्रव्यापी धरना-प्रदर्शन*

 

चन्दौली ब्यूरो/डीडीयू नगर, रेल कर्मचारियों ने आल इंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन के आह्वान पर ईस्ट सेन्ट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन के बैनर तले NPS को वापस करके सभी के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग को लेकर राष्ट्र व्यापी धरना-प्रदर्शन किया। इसी क्रम में ईसीआरकेयू शाखा 2/डीडीयू के द्वारा टीआरएस शेड डीडीयू में विशाल गेट मीटिंग की गई। आई बी मिश्रा के संचालन में की गई गेट मीटिंग में ईसीआरकेयू के केन्द्रीय उपाध्यक्ष केदार प्रसाद, शाखा सचिव भैया लाल, शाखा अध्यक्ष शोभनाथ सिंह आदि ने रेलकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि सन् 2004 में अटल जी की सरकार ने पुरानी पेंशन को यह कहते हुए बंद किया था कि देश में अब सभी को नई व्यवस्था NPS के आधार पर पेंशन प्रदान किया जाएगा। परंतु आज देश में पेंशन के लिए दोहरी नीति चलाई जा रही है। समस्त सांसदों-विधायकों को मात्र 5 साल की सेवा के उपरांत पुरानी पेंशन योजना के तहत पेंशन का लाभ दिया जाता है लेकिन 30 साल से भी अधिक समय तक रेल की सेवा करके अपना जीवन देश के विकास में समर्पित कर देने वाले रेलकर्मियों को NPS के तहत रखा गया है। यह बिल्कुल निंदनीय व्यवस्था है, और एआईएफएफ/ईसीआरकेयू की मांग है कि NPS को समाप्त करते हुए तत्काल पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए। केन्द्रीय उपाध्यक्ष केदार प्रसाद ने कहा कि विभिन्न राज्यों की सरकारों ने NPS को नकारते हुए पुरानी पेंशन व्यवस्था को पुनः लागू किया है,अतः केन्द्रीय कर्मचारियों के भविष्य के लिए भारत सरकार को भी पुनः पुरानी पेंशन योजना को बहाल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत देश में सांसदो, विधायकों, सेना के तीनों अंगों और कुछ न्यायिक पदों के लिए पुरानी पेंशन योजना रखी गई है जबकि अन्य सभी केंद्रीय सशस्त्र बलों समेत सभी कर्मचारियों के लिए NPS रखा गया है। इसी प्रकार कुछ राज्यों में NPS लागू ही नहीं हुआ था, जबकि कुछ राज्यों ने NPS को लागू किया था परंतु बाद में इसे नकारते हुए पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की गई। इस प्रकार एक ही देश में सरकारी सेवाओं से सेवानिवृत्ति के बाद जीवन यापन के लिए पेंशन के अलग-अलग मापदंड चल रहा है, जो कर्मचारियों के साथ अन्याय है। अतः NPS की व्यवस्था को समाप्त करने की घोषणा सरकार को तत्काल करनी चाहिए। इस सभा को मनोहर कुमार, दीनानाथ पासवान, प्रदीप कुमार यादव, अखिलेश कुमार समेत कई वक्ताओं ने संबोधित किया एवं एस के सिन्हा, दीनकर पाण्डेय, रविन्द्र कुमार सिंह, कन्हैया लाल, विपुल सिंह, आरिफ़ फारूकी, महेन्द्र सिंह, अजय रावत, डी के एस राय, सतीश कुमार यादव समेत समस्त पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति रही।

 

 

चन्दौली से संजय शर्मा की रिपोर्ट

escort bayan sakarya escort bayan eskişehir