Friday, August 29, 2025

श्री श्याम भक्त मंडल अनपरा द्वारा बाबा के जन्म की विभिन्न झांकी व चतुर्थ फाल्गुन महोत्सव का शानदार आयोजन संपन्न 

श्री श्याम भक्त मंडल अनपरा द्वारा बाबा के जन्म की विभिन्न झांकी व चतुर्थ फाल्गुन महोत्सव का शानदार आयोजन संपन्न

सोनभद्र

अनपरा थाना क्षेत्र के अनपरा कॉलोनी में श्री श्याम भक्त मंडल क्लब द्वारा मिनिस्ट्रियल क्लब में चतुर्थ फाल्गुन मौसम और बाबा की जनजाति धूमधाम से प्रदर्शित किया है। इसी कार्यक्रम के अंतर्गत बुधवार को प्रातः मंडल के भाग्यशाली सदस्य अमन शाह के माता-पिता द्वारा खाटू वाले श्री श्याम बाबा के नाम की अखण्ड ज्योति प्रज्ज्वलित की गयी l धनबाद से पधारे कथा वाचक मनोज सेन ने बाबा के कथा का वाचन किया l भक्तों ने बाबा श्याम की कथा का श्रवण अत्यंत तन्मयता से किया, जिसमें बाबा के जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं का वर्णन एवं विभिन्न झांकियां प्रस्तुत की गयी। बाबा के जन्म की झांकी और फूलों की होली ने भक्तों को भाव विभोर कर दिया। जिससे सभी भक्तगण नृत्य करते हुए झूमने लगे।

कथा वाचक मनोज सेन के अनुसार श्याम बाबा का वास्तविक नाम बर्बरीक है। जो अहिल्या के पुत्र हैं। उन्हें नव दुर्गा से तीन वाण वरदान स्वरुप प्राप्त हुए थे। अग्निदेव ने प्रसन्न होकर उन्हें धनुष बाण प्रदान किया था। जो उन्हें तीनों लोकों में विजयी बनाने में समर्थ थे। बर्बरीक को आशीर्वाद प्राप्त था कि यदि वो निर्बल एवं हारने वाले की सहायता करें तो उसकी सदा विजय होगी। महाभारत के युद्ध के समय अपनी माता से हारने वाले पक्ष की ओर से लड़ने की आज्ञा लेकर बर्बरीक अपने निले रंग के घोड़े पर सवार होकर युद्ध करने पहुंच गए थे। युद्ध की परिस्थिति में उन्हें कौरवों का साथ देना था। परन्तु श्री कृष्ण ने छल पूर्वक बर्बरीक से वचन लिया था। और दान स्वरुप शीश लेकर उन्हें महाभारत के युद्ध में कौरवों का साथ देने से रोक लिया। इसलिए वे शीश के दानी कहलाये। श्री कृष्ण ने बर्बरीक के बलिदान से प्रसन्न होकर उन्हें कलियुग में अवतरित होने का वरदान दिया और उन्हें अपने नाम “श्याम” से कलियुग के भगवान के रूप में भक्तों का उद्धार करने का आशीर्वाद दिया।

कथा के उपरांत भजन संध्या का भी आयोजन किया गया। वाराणसी एवं जयपुर से पधारे भजन गायकों में पायल अग्रवाल एवं चैतन्य दधीच ने श्री श्याम बाबा को भजनों के माध्यम से जहाँ बाबा को रिझाया वहीं भक्तों ने भी नाचते झूमते हुए खूब आनंद उठाया। डफली की धुन पर “थे ही म्हारो मायड़ बाप” भजन, बैठा दरबार लगाकर, कीर्तन की है रात बाबा आज थाणे आणो है। आदि भजनों की प्रस्तुति से वातावरण भक्तिमय हो गया।

कार्यक्रम के अंतर्गत बाबा के लिए छप्पन भोग का आयोजन कर भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया । स्थानीय भक्तों के साथ साथ रेणुसागर, सोनभद्र, चोपन, ओबरा, विन्ढमगंज, रेणुकूट एवं सिंगरौली से पधारे सैकड़ों भक्तजन भी उपस्थित थे। कार्यक्रम के आयोजन में मंडल के पंकज केडिया, सोनू बंसल, मनीष गोयल, अमित मित्तल, लवली बंसल, मनीष अग्रवाल, अनिल जैन, रोहित गोयल, गौरव, राकेश, अजय, संजय आदि ने योगदान किया।

Up 18 news report by Chandra Mohan Shukla

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