बाजार व इंडस्ट्रीज से जुड़ें किसान : प्रो पंजाब सिंह
👉🏿 किसान हमसे जुड़े, या हमें जोड़े
👉🏿 बायोटेक किसान मेला गौरहीं में लगे 17 स्टाल
रावर्ट्सगंज (सोनभद्र)
जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत सरकार के सौजन्य से फार्मर- साइंटिस्ट कनेक्ट मीट द्वारा आयोजित किसान मेले में देश विदेश में ख्याति प्राप्त कृषि वैज्ञानिकों ने बायोटेक किसान परियोजना से सच हो रहे किसानों के सपनों को तर्क संगत तरीके से समझाया ।
आकांक्षी जिला सोनभद्र व चंदौली के दस-दस
प्रगतिशील किसानों को 10- 10 हजार रुपए का पुरस्कार व प्रशस्ति पत्र तथा अंगवस्त्र प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया गया ।
जाने माने कृषि वैज्ञानिक
और काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो पंजाब सिंह
ने अपने अध्यक्षीय उदबोधन में किसानों का आह्वान
किया कि किसान बाजार व इंडस्ट्रीज से जुड़े । कहां हमसे जुड़िए या आप हमें जोड़िए । किसानों की आय दो गुनी करने के लिए उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों के नजदीक जाइये ।
‘फॉर्ड फाउंडेशन’ से जुड़ने के फायदे गिनाते हुए प्रोफेसर सिंह ने 2017 से अब तक की हुई प्रगति को उदाहरण देकर समझाया । किसानों को वैज्ञानिकों के नजदीक लाने के उद्देश्य को पूरा होते देखने वाले प्रो पंजाब सिंह ने कहा कि ऐसे युवा तैयार करने है। जो खेती से सम्मान जनक आय अर्जित करने लगें।
आकर्षक स्टाल
मेले के आकर्षण में कुल 17
स्टालों पर जिले के उत्पाद व मशीनें सजी थीं । प्रो पंजाब सिंह ने रीबन काटकर मेले में लगे स्टालों का बारीकी से निरीक्षण
किया ।
पसही गांव के डॉ मार्कण्डेय राम पाठक , ऊँचडीह गांव के राज्यपाल व राष्ट्रपति पुरस्कार से पुरस्कृत पूर्व प्रधानाचार्य व किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य डॉ ओम प्रकाश त्रिपाठी, कांग्रेस सेवादल के जिला अध्यक्ष
कौशलेश पाठक , वरिष्ठ पत्रकार भोलानाथ मिश्र आदि स्टाल निरीक्षण के समय वैज्ञानिकों के साथ रहे। पूर्व कुलपति की अगवानी व माल्यार्पण से प्रथम स्वागत डॉ एमआर पाठक ने किया ।
विचार मंथन
वैज्ञानिकों ने कहा प्रधानमंत्री
मोदी जी की मंशा के अनुरूप
किसानों की आय दो गुनी करने के लिए अनाज , सब्जी , मछली , बकरी समेत अन्य परियोजनों पर काम चल रहा है । देश के कुल
169 जिलों के लगभग 60 लाख किसान बहुआयामी विकास परियोजना का लाभ उठा रहे हैं ।
चावल अनुसंधान में फलिपिन्स से हम आगे निकल जाएंगे । वाराणसी , गाजीपुर समेत दो
महत्वाकांक्षी जिला सोनभद्र व चंदौली में बायोटेक किसान परियोजना के अंतर्गत कार्य प्रगति पर है । सोनभद्र में होना ,हिनौती ,
विरधी ,पसही , बकौली ,
गौरही में फाउंडेशन बीज उत्पादन हो रहा है । इस जिले में दलहनी फसल के बीज के साथ साथ गेंहू जौ का भी आधारीय बीज उत्पादन हो रहा है ।
रामनाथ पाठक – रघुनाथ पाठक फाउंडेशन के डायरेक्टर कौशलेश पाठक से जुड़े किसान रमाकांत देव पाण्डेय को सम्मानित किया गया ।
विचार व्यक्त किये
अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त भारत सरकार के सलाहकार वैज्ञानिक कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे डॉ मोहम्मद असलम , विशिष्ट अतिथि डॉ सुधांशु सिंह , प्रो आरएम सिंह , डॉ टीके बहेरा ,
प्रो. एसआर सिंह , प्रो.
आरएन सिंह ,डिप्टी डायरेक्टर सोनभद्र डॉ. दिनेश गुप्ता , डॉ. उमेश सिंह और डॉ. संतोष सिंह आदि ने वैज्ञानिक ढंग से खेती करने से मिलने वाले लाभ गिनाए। संचालन प्रो. नीरज सिंह ने प्रभावी ढंग से किया ।
किसान मेले में ऊँचडीह के श्रीप्रकाश त्रिपाठी गोपाल जी , पसही के छोटे पाठक , अंतर्राष्ट्रीय धान अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक
नरेंद्र देव कृषि विज्ञान केंद्र चंदौली , वाराणसी और सोनभद्र के वैज्ञानिक विज्ञान को कृषि क्षेत्र तक ले जाने और कृषि को वाणिज्य की ओर ले जाने के लिए प्रेरणा देने वाले स्टाल लगाए थे। और डेमो भी दे रहे थे।
लोकल को वोकल बनाने वाले यहाँ के उत्पाद आकर्षण के केंद्र में थे। इस मौके पर बीबीसी की इंदु पांडेय व आकाशवाणी ओबरा की सुरसरी पांडेय समेत भारी संख्या में किसान एवं बुद्धिजीवी जुटे थे।
Up 18 news report by Anand Prakash Tiwari