जिला बाल अधिकारी ने बाल विवाह का तत्काल लिए संज्ञान – पुनीत टंडन
सोनभद्र(विनोद मिश्रा)
चाइल्ड लाइन1098 से प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना बभनी के ग्राम मचबंधवा सोनभद्र में नाबालिग लड़की की शादी अक्षय तृतीया पर छत्तीसगढ़ के रहने वाले ब्यक्ति के साथ किये जाने की सूचना के आधार पर तत्काल संज्ञान लेते हुए जिला बाल संरक्षण अधिकारी पुनीत टण्डन द्वारा महिला शक्ति केंद्र से जिला समन्वयक साधना मिश्रा,जिला बाल संरक्षण इकाई सोनभद्र संरक्षण अधिकारी गायत्री दुबे,ओर आर डब्ल्यू शेषमणि दुबे के टीम का गठन करते हुए निर्देशित क्रम में तत्काल नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही में डॉ० राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय लखनऊ के बाल संरक्षण विशेषज्ञ / यूनिसेफ से सत्यवान द्वारा थाना बभनी से समन्वय स्थापित करते हुए विवाह स्थान पहुंचे,जहां पर जिला बलरामपुर छत्तीसगढ़ से बारात आ रही थी , शादी करने की तैयारी चल रही थी। टीम द्वारा बालिका के माता, पिता से बालिका के उम्र के संबंध में साक्ष्य प्राप्त के आधार पर बालिका की उम्र 17 वर्ष पाया गया। टीम द्वारा बालिका के माता, पिता व अन्य उपस्थित लोगों को बाल विवाह एक कानूनन अपराध है, बाल विवाह से होने वाले हानियों के बारे में बताया गया ।बालिका के माता-पिता के परामर्श के उपरांत भी बालिका का पुनः एक, दो दिवस व्यतीत होने के उपरांत शादी किए जाने की संभावना प्रतीत हुई थी जिसके दृष्टिगत टीम द्वारा नाबालिग बालिका को अपने अभिरक्षा में लेते हुए बाल कल्याण समिति सोनभद्र के समक्ष प्रस्तुत किए जाने हेतु ले जाया गया।