वाराणसी। ज्ञानवापी मस्जिद आज होगा सर्वे और वीडियोग्राफी, अलर्ट पर वाराणसी
आज पूरे देश की नजर वाराणसी पर है जहां कोर्ट के आदेश के अनुसार ज्ञानवापी मस्जिद (Gyanvapi Mosque) में सर्वे किया जाएगा। दावा है कि मस्जिद जहां बनाई गई है, वहां पहले मंदिर था, जिसके प्रमाण अभी भी मौजूद है।
मुस्लिम पक्ष ने जहां सर्वे और वीडियोग्राफी का विरोध किया है, वहीं हिंदू पक्ष का कहना है कि सच सामने लाने के लिए हर हाल में कोर्ट के आदेश का पालन होना चाहिए। कोर्ट के आदेश के मुताबिक, 6 मई को सर्वे कर 10 मई को रिपोर्ट सौंपी जाना है। शुक्रवार को जुमे की नमाज को देखते हुए Gyanvapi Mosque में तीन स्तर की सुरक्षा की गई है। वहीं समूचे वाराणसी शहर में पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है।
मस्जिद के मौलाना का कहना है कि वे किसी सर्वे टीम को मस्जिद में प्रवेश नहीं करने देंगे। उनका और मुस्लिम पक्ष के वकीलों का कहना है कि कोर्ट ने मस्जिद के अंदर जाकर सर्वे करने का आदेश नहीं दिया है। जिस मंदिर की बात कही जा रही है, वह मस्जिद की सीमा से बाहर है। टीम वहां जाकर सर्वे कर सकती है। वहीं हिंदू पक्षा का दावा है कि छत पर नमानज पढ़ी जाती है और नीचे श्रृंगार गौरी, भैरव बाबा, हनुमानजी और विग्रह देवताओं की मूर्तियां हैं, जिनकी पूजा आज भी की जाती है। आज भी इस स्थान का हक व्यास परिवार के पास है जो पूजा करता है।
इतिहासकारों के मुताबिक, यह विवाद पहली बार 1936 में कोर्ट में गया था। 1937 में फैसला आया था और कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष का दावा खारिज कर दिया था। तब इतिहासकारों ने वहां मूलरूप से मंदिर होने की बात कही थी। इस पर मुस्लिम पक्ष ने कहा था कि कोर्ट जानकारों की नियुक्ति करे और फैसला हो। अब हिंदू पक्ष का कहना है कि कोर्ट के ताजा आदेश से यही हो रहा है तो किसी को आपत्ति क्यों? इतिहासकारों का आज भी मानना है कि यहां मंदिर था, जिसे ढहाकर मस्जिद खड़ी कर दी गई। 14वीं और 15वीं शताब्दी के मंदिर निर्माण के प्रमाण आज भी उपलब्ध हैं।
UP 18 NEWS से अखिलेश मौर्य की रिपोर्ट