पत्रकार के घर सिपाही ने जा कर दी धमकी काली शंकर उपाध्याय की कलम से
वाराणसी : वाराणसी इस समय पूरे भारत की राजनीति की धुरी बनी हुई है यहां के सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी बनारस से ही जीत कर दूसरी बार प्रधानमंत्री बने हैं लेकिन क्या लोकतंत्र के चौथे स्तंभ कहे जाने वाले पत्रकार प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में सुरक्षित हैं यह कहना बिल्कुल ही नामुमकिन होगा क्योंकि लगातार पत्रकारों के ऊपर ऐसे ऐसे घटनाएं हो रहे हैं जिससे कि प्रधानमंत्री भी अगर इस खबर को पढ़ेंगे तो उनको लगेगा कि कहीं न कही पत्रकारों के ऊपर अत्याचार हो रहा है ऐसा ही मामला आज राजा तालाब वाराणसी जनपद प्रधानमंत्री के संसद क्षेत्र से सामने आ रहा है मामला कुछ इस कदर है की पुलिस के कुछ सिपाही पत्रकार के घर जाकर अपनी गुंडई दिखाते हैं और बगल में हुए मामले की छानबीन करते हैं जबकि पत्रकार ने यह कहा कि हमारे बगल का मामला है आप खुद जा कर समझ लीजिए लेकिन सिपाही जी कुछ नहीं बोले बोले कि आप भगवान हैं और आप हमें बताइए कौन है कहां का है कैसे हैं पुलिस अपनी छानबीन अपने तरीके से करेगी कि पत्रकारों का सहारा लेगी क्या डबल इंजन की सरकार भारतीय जनता पार्टी में पत्रकार सुरक्षित नहीं है या अब लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को दबाया जा रहा है और अगर ऐसा नहीं है तो आला अधिकारी इन लोगों पर कार्रवाई क्यों नहीं करते हैं क्या वर्दी की धौंस ऐसे ही लोग पत्रकारों पर दिखाते रहेंगे और लोग चुप बैठेंगे आखिर ऐसा कब तक. कुछ ऐसे भी पत्रकार है जो इसमें अपनी चाटुकारिता निभाएंगे क्योंकि उनको पता है कि थाने चौकी की दलाली करनी है और थाने चौकी पर दिन भर बैठे रहते हैं , ऐसे पत्रकारों पर सरकार कब एक्शन लेगी.
राजातालाब के एक कांस्टेबल विमलेश राय ने आशीष मोदनवाल पत्रकार के साथ की दुर्व्यवहार
वाराणसी :- राजातालाब थाना के कांस्टेबल विमलेश राय जो कि राजातालाब के पत्रकार आशीष मोदनवाल से पत्रकार अपना परिचय बताते है तो विमलेश राय कहते हैं कि आप भगवान हैं आप थोड़ा लिमिट रहो ज्यादा मत उड़ो डीएम एसएसपी और ऊपर तब बोल दो मेरा कुछ नहीं होगा आपकी औकात देख लेंगे क्या ऐसे सिपाही लोकतंत्र के चौथेस्तंभ को बंधुआ मजदूर समझाते हैं
जो कि पत्रकार होते हुए वह कचनार गांव के एक क्षेत्र पंचायत सदस्य के प्रतिनिधि भी हैं
क्या आप अपना परिचय बताने में यही धमकी मिलती है.