असामयिक निधन पर सोनांचल के पत्रकार हुए शोकाकुल
सोनभद्र (विनोद मिश्र)
बहुमुखी प्रतिभा के धनी वरिष्ठ पत्रकार सुरेश कुमार के असामयिक निधन का दुःखद संदेश मिलते ही सोनांचल के पत्रकारों में शोक की लहर दौड़ गई।
नब्बे के दशक में ‘न्यायधीश’ हिन्दी दैनिक से अपने पत्रकारिता जीवन की शुरुआत कर लंम्बे समय तक सेवा देने के बाद वाराणसी से प्रकाशित ‘राष्ट्रीय सहारा ‘हिंदी दैनिक अखबार के साथ जुड़ गये। लगभग तीन दशक तक पत्रकारिता का सफर तय करने के बावजूद ये अपने उम्दा स्वभाव व कार्यशैली के कारण सबके निकट बने रहे।
पत्रकारिता के अलावा इन्होंने रंगमंच कलाकार व लोकगायक के रूप में अपनी पहचान बना ली थी। और गांव में रामलीला मंचन के साथ ये लोक गीत गायक के रूप में आकाशवाणी पर अपनी प्रस्तुति देते रहे।
जनपद मुख्यालय रावर्ट्सगंज से लगभग 10 किमी दूर ग्राम करारी में इनका जन्म 1970 में एक गरीब किसान परिवार में हुआ था। आर्थिक तंगहाली गरीबी में जीवन व्यतीत करते हुए इन्होंने बड़ी मुश्किल से स्नातक की पढ़ाई पूर्ण करते हुए पत्रकारिता से अपने जीवन की शुरुआत की थी। लगभग तीन दशक तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवा प्रदान करने के पश्चात बीते मंगलवार को लंबी बीमारी से संघर्ष करते हुए बीएचयू में सोनांचल के इस जनप्रिय पत्रकार ने आखिरी सांस ली।
इस दुखद घटना की सूचना के बाद पत्रकारों ने एक शोक सभा करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति हेतु 2 मिनट का मौन रखते हुए प्रभु से प्रार्थना की गई, कि हे प्रभु दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करते हुए अपने श्री चरणों में स्थान दें, तथा इस दुख की घड़ी में परिवारी जनों को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ओम शांति