भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के पूर्व सदस्य ने सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन/ प्रवर्तन पर लगाए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
सोनभद्र में बीते दिनों चर्चाओं में रहा, परिवहन विभाग द्वारा फर्जी तरीके से गाड़ीयों को रिलीज के मामले में कूटरचित दस्ता वेज पर थानों पर बंद गाड़ियों को रिलीज कराये जाने के संबंध में
अपर परिवहन आयुक्त उत्तर प्रदेश शासन को भाजपा नेता ने पत्र लिखकर निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच कराकर, कड़ी कार्यवाही किए जाने की,की मांग
रावर्ट्सगंज (सोनभद्र)
खनन विभाग व परिवहन विभाग शुरू से ही भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबा रहा है। इन दोनों विभागों में भ्रष्टाचारों की जितनी भी चर्चा की जाए उतना ही कम है। इन दोनों विभागों में दलालों का बोलबाला रहता है। इन दोनों विभागों में बहुत सारे भ्रष्टाचार के मामले आए उन्हें जांच के नाम पर येन केन प्रकारेण रफा-दफा किया जा चुका है। इन दोनों विभागों में कार्य करने वाला कोई ऐसा अधिकारी व कर्मचारी नहीं होगा जिसके पास करोड़ों का अवैध अकूछ संपत्ति नहीं होगा। ऐसा ही मामला योगी सरकार के आते ही चंदौली में मिला था। जिसके खिलाफ योगी जी ने अपना पहले बुलडोजर का प्रयोग करते हुए धन पशु एआरटीओ को सलाखों के पीछे किया था।
ऐसा ही मामला फिल्मी स्टाइल में सोनभद्र में पकड़ा जा चुका है। जिसको गंभीरता से लेते हुए भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के पूर्व सदस्य अनिल द्विवेदी ने अपर परिवहन आयुक्त उत्तर प्रदेश शासन को पत्र लिखकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। इतना ही नहीं श्री द्विवेदी ने अपने पत्र में लिखा है की उच्च स्तरीय जांच करा कर एआरटीओ प्रशासन संभाग सोनभद्र के संपत्तियों की जांच भी कराई जाए, जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए। जिससे स्पष्ट हो जाए कि परिवहन विभाग के लोग कितनी इमानदारी तरीके से काम करते हैं। भाजपा नेता का यह भी आरोप है कि परिवहन विभाग की मिलीभगत से थानों पर बंद गाड़ियों को छोड़ने का लंबा खेल खेला गया है जो उजागर हो चुका है।
सरकार ईमानदारी पूर्वक कार्य करने का प्रयास कितना भी कर ले परंतु यहां कहना आश्चर्य नहीं होगा कि सोनभद्र में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाले सिर्फ और सिर्फ अधिकारी ही नहीं है इसमें सफेदपोशों का भी हाथ बराबर रहा है। चाहे सपा का कार्यकाल रहा हो या बसपा का, हर सरकारों में ओवरलोड गाड़ियां चलती थी और चल भी रही हैं। ओवरलोड के नाम पर लंबी वसूली होती थी। और आज भी हो रही हैं। इस अवैध वसूली में जिसकी जितनी बड़ी पकड़ होती है, उसी अनुसार भागीदार होते हैं। अब देखना है इस खेल को बंद कराने का बीड़ा भाजपा के युवा नेता अनिल द्विवेदी ने उठाया है। इन्हें कितना सफलता मिलता है आने वाला समय तय करेगा। लेकिन यह मामला श्री द्विवेदी ने उचित समय पर उठाया है। यह निश्चित है कि योगी सरकार में कोई बच नहीं पाएगा, चाहे कितना भी अधिक पहुंच व पकड़ वाला क्यों न हो।
भाजपा नेता अनिल द्विवेदी का आरोप है कि पीएस राय के कार्यकाल में भ्रष्टाचार अपने परवान पर है। इनके पत्नी के नाम व अन्य बेनामी अकूत संपत्तियां हैं। जो भ्रष्टाचार व लुट के पैसों से बनी हैं। भ्रष्टाचार की ही देन है जो निडर होकर फर्जी प्रपत्रों पर गाड़ी छोड़ने का कार्य किया गया है। सोनभद्र में लगातार ओभर लोड के सिंडिकेट का खेल चल रहा है। जो प्रत्येक गाडियों से आज भी एंट्री के नाम पर कम से कम 5000/रुपये तक प्रति गाड़ी दलालों के माध्यम से वसुली किया जाता है।
श्री द्विवेदी ने अपने पत्र में यह भी लिखा है कि अभी कुछ दिनों मे श्री राय का रिटायरमेंट हैं। जांच कराकर जी.पी.एफ. और पेंशन भी जप्त कराने की बात कही हैं।अपर परिवहन आयुक्त वी.के.सानवक ने दो दिनों के अंदर कड़ी कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है।
Up18news report by Anand Prakash Tiwari/ Chandra Mohan Shukla✍🏽