
जिसके बारे में बीडीओ चिरईगांव वीएन द्विवेदी से पूछा गया तो बोले कि दिखवाते हैं।ऐसा नहीं होना चाहिए।चैम्बर निर्माण में लग रही ईंट की गुणवत्ता ठीक नहीं होने के बारे में कहा कि ऐसा नहीं लगना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि जलनिकासी के निर्माण कार्य के लिए निर्धारित मानकों के बारे में अवर अभियंता लघु सिंचाई अशोक यादव का कहना है कि सीमेंट की पाईप डालने से पहले नीचे पीसीसी होता है।लेवल करके ही पाईप डाली जाती है।निर्माण कार्य में प्रयुक्त होने वाले पाईप, ईंट सीमेंट, बालू के लिए भी मानक निर्धारित है।उसके अनुसार ही कार्य कराना होता है।अगर ऐसा नहीं किया जा रहा है तो ठीक नहीं है।जलनिकासी कार्य हेतु डाली जा रही पाईप के नीचे पीसीसी नहीं किये जाने चैम्बर निर्माण में खराब ईटों के प्रयोग किये जाने के बारे में बीडीओ ने कहा कि उसको दिखवाते हैं।