हंगामे के बीच नहीं हो पाया राशन की दुकान का चयन।
सोनभद्र(विनोद मिश्र)
शनिवार को घोरावल विकासखंड के ग्राम पंचायत खजुरौल में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान का चयन होना था जिसमें भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे लेकिन चयन नहीं हो सका। दुकान चयन कराने आए अधिकारी सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) घोरावल के द्वारा बताया गया कि इसके पूर्व 20 जुलाई को दुकान का चयन होना था परंतु ग्रामीणों के गुप्त मतदान कराए जाने के मांग को लेकर चयन प्रक्रिया नहीं हो पाई जिसकी अगली तिथि आज निर्धारित की गई थी परंतु आज भी ग्रामीणों का कहना था कि निष्पक्ष चुनाव गुप्त मतदान के द्वारा कराया जाए। सहायक विकास अधिकारी द्वारा बताया गया कि पहली प्राथमिकता हमारी हाथ उठाकर चयन प्रक्रिया कराने की है इसके उपरांत दूसरी दूसरी प्रक्रिया लाइन लगाकर कराने की है अगर दोनों प्रक्रिया में लोग राजी नहीं होते हैं तो गुप्त मतदान द्वारा दुकान का चयन कराया जाएगा। इस दौरान राशन की दुकान के दोनों दावेदारों को बुलाया गया उनसे पूछा गया कि आप लोग किस तरह से चयन
करना चाहते हैं जिसमें एक पक्ष द्वारा कहां गया कि हम गुप्त मतदान नहीं कराएंगे हाथ उठाकर ही चयन प्रक्रिया में शामिल होंगे वहीं दूसरे पक्ष द्वारा बताया गया कि ग्रामीणों को जैसे संतुष्टी होगी उसी तरफ से चयन प्रक्रिया में शामिल होना चाहेंगे। जिसके उपरांत सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) घोरावल द्वारा ग्रामीणों से आग्रह किया गया कि जो लोग हाथ उठाने की प्रक्रिया में है तो अलग लाइन लगा लें और जो लोग वोटिंग करना चाहते हैं वह लोग अलग लाइन में खड़े हो जाएं इसके उपरांत ग्रामीणों द्वारा दो लाइन लगाई गई। जिसमें की कुछ ग्रामीणों का कहना था कि प्रधान जी का कहना है कि आप लोगों को हाथ उठाकर ही चयन प्रक्रिया करनी है इसलिए हम लोग प्रधान जी के विरुद्ध नहीं जा सकते अन्यथा हम लोगों को निकट भविष्य में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है तत्पश्चात दोनों लाइनों की गणना की गई जिसमें हाथ उठाने वालों की संख्या अधिक थी परंतु ग्रामीणों का कहना था कि सबका वोटर आईडी या आधार कार्ड चेक किया जाए क्योंकि हाथ उठाने वालों में बाहरी लोग भी शामिल हैं परंतु अधिकारियों द्वारा कहा गया कि इतना समय नहीं है जिसके बाद ग्रामीणों में आक्रोश हो गया और हंगामा होने लगा। इस संबंध में ग्राम विकास अधिकारी से बात करने पर बताया गया कि आज 30 जुलाई को चुनाव प्रक्रिया संपन्न नहीं हुई है आज सिर्फ यह देखा जा रहा था कि कितने लोग वोट करना चाहते हैं और कितने लोग हाथ उठाकर भाग लेना चाहते हैं इसलिए आज दुकान की चयन प्रक्रिया नहीं की जा रही है आगे जैसा अधिकारियों का निर्देश होगा वैसा कराया जाएगा। वहीं कुछ ग्रामीणों का यह कहना था कि एक पक्ष ग्राम प्रधान द्वारा समर्थित है इसलिए हम लोगों को हाथ उठाकर चयन प्रक्रिया में शामिल होने पर भविष्य में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है अतः निष्पक्ष चयन प्रक्रिया तभी संपन्न होगी जब गुप्त मतदान कराया जाएगा। ग्रामीणों का यह भी आरोप था कि अधिकारियों द्वारा प्रस्ताव रजिस्टर पर हस्ताक्षर करवाया गया परंतु कुछ भी कार्रवाई नहीं लिखी गई है। इस मौके पर पुलिस कांस्टेबल वह पीआरडी के जवान में मौजूद रहे।