चोरी का कोयला बरामद,दो ट्रक सीज,तीन गये जेल
सोनभद्र(विनोद मिश्र)
शक्तिनगर थाना क्षेत्र के पीडब्ल्यूडी मोड़ के पास चेकिंग के दौरान स्थानीय पुलिस ने दो ट्रक चोरी का कोयला दो ड्राइवर सहित ट्रक मालिक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है । हासिल जानकारी के मुताबिक सोमवार को थानाध्यक्ष नागेश कुमार सिंह शक्तिनगर वाराणसी मुख्य मार्ग पर पीडब्ल्यूडी मोड़ स्थित रेलवे क्रॉसिंग पर गाड़ियो की रूटीन चेकिंग कर रहे थे इसी दौरान उन्हेंने कोयला लदा दो ट्रक ट्रेलर रोका एवं कोयले के ऊपर त्रिपाल नहीं ढके होने का कारण पूछा तो ड्राइवर सकपकाया एवं गलती हो गई कह कर माफी मांगने लगा। ट्रक ड्राईवर के हाव भाव से पुलिस का शक गहराया । थानाध्यक्ष ने दोनो ट्रकों व चालकों को थाने में खड़ा करा दिया। पुलिस द्वारा गहन पूछताछ में पता चला कि लगभग सत्तर टन कोयला लदा ट्रको पर फर्जी नम्बर प्लेट लगाकर बरगवां,जिला सिंगरौली से चोरी का कोयला लोड कर अनपरा में किसी कोल माफिया नारायण अग्रवाल के यहा पहुँचाने जा रहे थे। पुलिस ने कोयला सहित दोनो ट्रकों, ट्रक मालिक के भाई से एक ब्रेजा कार सीज कर अवधेश साह निवासी नवजीवन विहार, व चालक सोनू यादव व बच्चू यादव निवासी गुंदावली थाना वैढ़न को गिरफ्तार कर भा द वि की धारा 379,411,419,420,467,468,471तथा खान व खनन अधिनियम 4/21के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया है। व कथित कोल माफिया नारायण अग्रवाल सहित दो अन्य चालकों की तलाश में जुट गई है । गौरतलब है कि ट्रक पर फर्जी नम्बर प्लेट,चोरी का कोयला एक प्रदेश से दुसरे प्रदेश ले जाकर बेचने की इस घटना से साफ जाहिर है कि यह धंधा बड़े पैमाने पर नये तरीके से किया जा रहा है । जयंत से अनपरा तक की सड़क पर हजारों ट्रकों ट्रकों,डम्परों की लाईन लगी है,सड़के जाम हो रही हैं।कौन जानता है कि किस ट्रक में वैध कोयला है और किसमें अवैध है । हर ट्रक को रोक कर व्यापक स्तर पर रोजना जांच पड़ताल पुलिस के लिए भी बहुत कठिन है शायद इसी बात का फायदा उठाकर वैध ट्रकों के भीड़ में अवैध कोयला भी पार हो रहा है । पिछले दिनो दस लाख टन अवैध कोयले का महा भंडार मिला है जिसकी जांच कभी पुरी नही होगी,सब को मालूम है कि कोयले का उत्पादन सिर्फ एन सी एल ही करती है फिर भी यह पता लगाया जा रहा है कि कोयला कहा से चोरी हुआ है। जब फर्जी ट्रक नम्बर से चोरी का कोयला एक राज्य से दुसरे राज्य तक ट्रांसपोर्ट किया जा सकता है तो एन सी एल कोल यार्ड से कोयला चोरी कर पांच किलोमीटर एन सी एल की ही भूमि पर प्रबन्धन व प्रशासन की मिलीभगत कर भंडारण कितना मुस्किल है इसका अंदाजा लगाया जा सकता है ।