Friday, August 29, 2025

योगी सरकार में शिक्षा व्यवस्था में छीछालेदर काली शंकर उपाध्याय की कलम से

सोनभद्र : आमतौर पर कोई भी व्यक्ति अपने बच्चों को स्कूल भेजता है उनको पढ़ाता है लिखाता है उनकी उचित व्यवस्था करता है। और उनके उज्जवल भविष्य के लिए सब कुछ करने के लिए तैयार रहता है। लेकिन एक ऐसा मामला सोनभद्र से आ रहा है जिसे सुनकर आप भी दंग रह जाएंगे। मामला सोनभद्र के मधुपुर गांव स्थित ओम शिव शिवा इंटर कॉलेज का है। कॉलेज के व्यवस्थापक और प्रिंसिपल कॉलेज में ही पढ़ने वाले 3 बच्चों का ट्रांसफर सर्टिफिकेट मार्कशीट रोके हुए हैं। और उनको एडमिशन लेने में दिक्कत हो रही थी, समस्या इतना बढ़ गया कि बच्चों के प्रवेश को लेकर अभिभावक आईजीआरएस से लगायत मुख्यमंत्री व माध्यमिक शिक्षा मंत्री श्रीमती गुलाब देवी और जिले के आला अधिकारियों को भी पत्र के माध्यम से सूचित करना पड़ा। लेकिन निजी विद्यालय के प्रबंधक व प्रिंसिपल तो अपने आप पर अड़े हुए हैं।और आज तक बच्चों का मार्कशीट और ट्रांसफर सर्टिफिकेट नहीं दिये हैं। बात इतने तक ही नहीं खत्म हो जाती है, अभिभावक के अनुसार प्रिंसिपल का कहना है कि हमने ट्रांसफर सर्टिफिकेट और मार्कशीट अभिभावक  को दे दिया है, जबकि अभिभावक का साफ-साफ कहना है कि हम वहां से ट्रांसफर सर्टिफिकेट और मार्कशीट नहीं लिए हैं। इस कहासुनी और तकरार के बीच में अंजली तिवारी व अंश तिवारी का मार्कशीट व सर्टिफिकेट व आलोक तिवारी मूल अंकपत्र अभी तक उनको नहीं मिला।

जिसके वजह से उनको अन्य जगहों पर एडमिशन लेने में समस्या हो रही थी परंतु डीएम व  जिला विद्यालय निरीक्षक के हस्तक्षेप के बाद किसी तरह बच्चों का अगले क्लास में एडमिशन हो पाया। बात यहां पर आकर रूकती है कि आला अधिकारी आखिरकार निजी स्कूलों के ऊपर कार्यवाही करने से क्यों घबराते हैं? या उनको बढ़ावा दे रहे हैं ? एक तरफ सुबे के मुखिया आदित्यनाथ योगी अपने पार्टी के पदाधिकारियों के ऊपर भी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटते और सूबे में बुलडोजर बाबा के नाम से जाने जाते हैं। लेकिन लगता है कि शिक्षा व्यवस्था में इस तरीके से हीला हवाली करने का मामला क्या अभी तक आदित्यनाथ योगी के पास नहीं पहुंच पाया है। शिक्षा व्यवस्था जितना अधिक मजबूत होगा भारत उतना ही मजबूत होगा। लेकिन शिक्षा व्यवस्था में इस तरीके से हीला हवाली और आला अधिकारियों के इस रवैए को आखिरकार कब तक लोग बर्बाद बर्दाश्त करेंगे ? देखना यह है कि खबर के प्रकाशन के बाद इस पर आला अधिकारी किस प्रकार से इन बच्चों के भविष्य के बारे में सोचते हैं। और उनका मार्कशीट और ट्रांसफर सर्टिफिकेट उनके पास तक पहुंचाने का कष्ट करते है, अगर इसी तरीके से यह सब आला अधिकारी कार्य करते रहेंगे तो निश्चित रूप से कहीं न कहीं सूबे

के मुखिया आदित्यनाथ योगी की छवि को धूमिल करने का प्रयास होगा।

escort bayan sakarya escort bayan eskişehir