शिक्षकों का सम्मान, सफलता में बताया योगदान-विधायक
करमा, सोनभद्र(सेराज अहमद )
भारत रत्न एवं देश के दूसरे राष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन की 134 वाॅ जयंती शिक्षक दिवस के रूप में विंध्यवासिनी इंटरमीडिएट कॉलेज पांपी ,करकी में सोमवार को बड़े ही उल्लास एवं उत्साह पूर्वक मनाया गया। विद्यालय के क्षेत्रीय विधायक डॉ0 के द्वारा डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्वलित किया गया ।गुरु- शिष्य परंपरा भारतीय संस्कृति का अहम और पवित्र हिस्सा है। जिस प्रकार मां बच्चे को जन्म देती है, ठीक उसी प्रकार गुरु जीवन देता है। गुरु वह माली है जो बगीचे को भिन्न भिन्न रूप रंगों वाले फूलों से सजाता है।शिक्षक आजीवन शिक्षक ही रहता है ,जो हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने का कार्य करते है।भारतीय विद्यार्थी प्राचीन काल से ही आचार्य देवो भवः बोध वाक्य सुनकर ही बड़े होते हैं ।अपने उत्कृष्ट सेवा एवं नवाचारों से शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाई देने वाले समस्त शिक्षकों की कार्यशैली को सराहते हुए उनका सम्मान किया गया। इस अवसर पर विधायक श्री मौर्य ने विद्यालय के सभी शिक्षकों का अंगवस्त्र भेंट कर उतसाह बर्धन किये।वक्ता के रूप मण्डल महामंत्री मनीष मिश्र व मंडल अध्यक्ष डा0 धर्मेंद्र शर्मा ने विद्यालय के प्रबंधक सर्वजीत सिंह, प्रधानाचार्य का उत्साह बर्धन करते हुए कहा कि सच जिस विद्यालय में शासन ब्यवस्था सुदृढ होती है वहाँ इस तरह के कार्य गुरू शिष्यों की परंपरा को कायम रहती है 5 सितम्बर 1888 सन में डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने सिर्फ देश हित की बात की है।1962 से 1967 तक उपराष्ट्रपति के रूप में आसीन सादकी पूर्वक रहे इस अवसर पर अमर नाथ मौर्य, युवा मोर्चा अध्यक्ष अंकुर सिंह, प्रधान पांपी नागेन्द्र मौर्य, सुधीर सिंह, संतोष मौर्या, प्रतिनिधि सुरेंद्र सिंह, डॉ चंद्रशेखर मौर्य सहित आँचल विद्यालय के प्रबंधक सियाराम,लाइफ केयर केकराही के डॉ0 विनोद मौर्य ने स्मृति चिन्ह विधायक को भेंट किये। इस दौरान विद्यालय के शिक्षिकाओं व शिक्षिकों के साथ छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।