एक सप्ताह से जला है ट्रांसफार्मर,अंधेरे मे जीवन यापन करने के लिए मजबूर हुए ग्रामीण
सोनभद्र(सेराज अहमद )
पसही फीडर के गांव कम्हरिया का ट्रान्सफार्मर जले एक सप्ताह से अधिक हो गया। बैकल्पिक ब्यवस्था के तहत पाल बस्ती के लोग मोमबत्ती का सहारा लेकर जीवन यापन करने के लिए विवश हो गए हैं।मिट्टी का तेल भी पहले उजाला के लिए मिलता था लेकिन अब वह भी नहीं मिल रहा है। ऐसे में विजली के अभाव में पेयजल संकट बढ़ता जा रहा है इन्वर्टर, टीबी, मोबाइल बंद हो गए हैं ग्रामीण अंचल के कम्हरिया पाल बस्ती के घरों में जहरीले जीव जंतुओं का खतरा बढ़ गया है घरों में रोशनी के लिए डीजल और मोमबत्ती ही सहारा बना है। लोग अंधेरे में जीवन व्यतीत करने को मजबूर हैं। बिभागीय शिथिलता के कारण आपूर्ति बहाल होने में कितने दिन लगेगें कहा नहीं जा सकता। ऐसे में ग्रामीणों के अंदर अब गुस्सा और आक्रोश पनपने लगा है।
प्रधान मोहन पटेल नेआरोप पसही फीडर के जेई पर लगाते हुए कहा कि जेई साहब कहते हैं हमने विभाग को आपकी की शिकायत भेज दिया है ट्रांसफर लग जायेगा, परंतु कब?समझ से परे है। कब बिजली आपूर्ति बहाल होगी?यह बताने वाला कोई नहीं है।जबकि शासन के मनसा के अनुसार अधिकतम 72 घंटे के अन्दर सूचना के बाद बदल दिया जाना है।पाल बस्ती के ग्रामीणों का आरोप है कि बीमारी का महीना चल रहा है मच्छरों का प्रकोप बढ़ा है कीड़ा बिच्छू का भय है, पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है, बिजली नदारत है ।स्वभाविक है बुजुर्ग और बच्चे बीमार होकर हास्पिटल में भर्ती होगें। क्षेत्र के इसबाबत एसडीओ श्रवण कुमार से बात करने का प्रयास किया गया परंतु काल सम्भव नहीं है उत्तर मिला। जेई ने बताया कि प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों ने उच्चाधिकारी का ध्यान आकर्षित किया है।