विश्व फार्मासिस्ट डे के मौके पर जानिए एक फार्मासिस्ट का योगदान
देवेश कुमार मिश्र (रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट उत्तर प्रदेश फार्मेंसिल कौन्सील)
करमा सोनभद्र (सेराज अहमद )
हर साल 25 सितंबर को विश्व फार्मासिस्ट दिवस (World Pharmacist Day) मनाया जाता है. ये दिन खासतौर पर फार्मासिस्ट को मान और सम्मान देने के लिए मनाया जाता है. इस दिन का उद्देश्य फार्मेसियों पर ध्यान आकर्षित करना है. इंटरनेशनल फार्मास्युटिकल फेडरेशन (एफआईपी) अपने सभी सदस्यों को इस आयोजन को सफल बनाने के लिए भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करता है.
इसके अतिरिक्त दुनिया के सभी कोनों में स्वास्थ्य सुविधा में सुधार आ सके, इसलिए भी इस दिन की महत्ता है. फार्मासिस्ट कारण हैं कि वे दुनिया को सभी के लिए एक बेहतर जगह बनाने के लिए अपने अनुभव, ज्ञान और विशेषज्ञता का उपयोग करते हैं. वे लोगों तक दवाईयां पहुंचाने में सक्षम हैं और लोगों को सलाह देने के लिए कि उन्हें सही तरीके से कैसे लें.
विश्व फार्मासिस्ट दिवस की खास बात यह है कि हर साल (एफ आई पी) इसकी एक थीम तय करता है. विश्व फार्मासिस्ट दिवस 2021 की थीम ‘फार्मेसी: ऑलवेज ट्रस्टेड फॉर योर हेल्थ’ है. इंटरनेशनल फार्मास्युटिकल फेडरेशन (FIP) ने विश्व फार्मासिस्ट दिवस की शुरुआत की थी. इसी दिन साल 1912 में एफआईपी की स्थापना की गई थी. एफआईपी फार्मासिस्टों और दवा वैज्ञानिकों के राष्ट्रीय संघों का वैश्विक संघ है l विश्व फार्मासिस्ट दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य उन आयोजनों को प्रोत्साहित करना है जो दुनिया के हर कोने में स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में फार्मासिस्ट की भूमिका को बढ़ावा देते हैं और उसकी वकालत करते हैं. चिकित्सा क्षेत्र में फार्मसिस्ट का महत्वपूर्ण योगदान है. खासकर कोरोना महामारी के दौर में फार्मासिस्ट ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर दुनिया भर के सभी फार्मासिस्ट को एवं नागरिकों को शुभकामनाएं।