गाय व ब्राह्मण की महिमा की हुई कथा
सोनभद्र(विनोद मिश्र)
घोरावल तहसील क्षेत्र अंतर्गत महुआंव पाण्डेय गांव में श्रीमद्भागवत कथा चल रही है। कथावाचक पं अरुण कृष्ण शास्त्री जी द्वारा किया जा रहा है। यजमान भोला धर द्विवेदी व उनकी पत्नी भानुमति देवी है। तथा यजमान के पुत्र रविन्द्र धर द्विवेदी अपनी पत्नी अंजू देवी के साथ धार्मिक पूजन आदि का कार्य किया जा रहा है। कथा में व्यास जी ने वृहस्पतिवार को अनेक छोटे छोटे प्रसंग बताई। जब ब्राह्मण और गाय की महिमा बताते हुए कहा कि यह मेरा शरीर ही ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य शूद्र है।जब मेरी भुजाएं अर्थात छत्रीय रूपी भुजाएं ब्राह्मण की निंदा करता है तो उसका भी वध कर देता हूं।उदाहरण के तौर पर जब जब क्षत्रियों ने गलत आचरण किया तो मैं परशुराम का अवतार धारण कर कई बार छत्रियो का विनाश किया। जबकि ब्राह्मण हमेशा ठाकुर जी की पूजा करते हैं।इस तरह से अनिरुद्ध ऊषा का विवाह प्रसंग की कथा बताया। इसके अलावा अन्य कई कथा विधि विधान से बताई । बीच बीच में अन्य छोटे छोटे प्रसंग महाभारत व रामायण महाग्रंथ से भी बताया गया। कथा की शुरुआत मंच के आचार्य गण द्वारा पूजन कर शुरू हुआ। तत्पश्चात मंगलाचरण से शुरू होकर भागवत कथा का वर्णन बहुत ही सुन्दर और मार्मिक चित्रण किया गया।कथा सुनकर श्रोता भावविभोर हो गए। कथा का आयोजन जनार्दन धर द्विवेदी द्वारा किया गया। कथा का आज विश्राम दिवस है।कल भण्डारा का आयोजन किया जाएगा।इस अवसर पर राम जी धर द्विवेदी कामेश्वर धर द्विवेदी, रवि द्विवेदी (मोनू), जगदीश शर्मा, कृष्ण धर द्विवेदी, अमरेश पाण्डेय द्वारिका प्रसाद तिवारी, राम अनुज धर द्विवेदी,नवल धर, गौरव धर, राघवेन्द्र धर, नारायण धर द्विवेदी अरविंद धर द्विवेदी के साथ गांव व क्षेत्र के सैकड़ों लोग मौजूद रहे।