दलालों का अड्डा बना सयुक्त जिलाअस्पताल।
आखिर देव ब्रत एम्बुलेंस किसकी?
सोनभद्र (विनोद मिश्र)
प्रदेश सरकार जहां ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा कर रही है। लाखों खर्च कर निःशुल्क एम्बुलेंस की सुविधा के साथ ही जांच और दवा मुफ्त दी जा रही है। वहीं अधिकारियों की लापरवाही से मरीजों को इन स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। बल्कि बेखौफ दलालों उन्हें बरगलाकर निजी अस्पताल में भर्ती कराकर मोटी रकम वसूलते हैं। जिससे गरीब मरीजों को अपना घर, जमीन बेच कर या रेहन रखकर निजी हॉस्पिटल का बिल चुकाना पड़ता है जिससे बाद उन्हें गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
असल में पूरा मामला जिला संयुक्त चिकित्सालय का है। जहां इन दिनों अस्पताल परिसर दलालों का प्रमुख अड्डा बन गया है। हॉस्पिटल की ओपीडी खुलते ही दलाल सुबह से ही हॉस्पिटल में आते ही चिकित्सक के चेंबर में घुस जाते हैं। मरीजों को बेहतर इलाज के नाम पर निजी अस्पतालों मे भेजते हैं। निजी अस्पतालों और मेडिकल संचालकों से मोटी कमीशन ली जाती है। सब कुछ जानते हुए भी अधिकारी दलालों को अस्पताल से बाहर करने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहे हैं, जिससे मरीजों और तीमारदारों में गहरा रोष है।
बताते चलें कि सोमवार की दोपहर एक बेखौफ दलाल द्वारा जिला अस्पताल में भर्ती एक मरीज को “देवपुत्र” लिखे प्राइवेट हॉस्पिटल के एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल से निजी हॉस्पिटल भेज दिया गया था। जबकि जिम्मेदारों को इसकी कानों कान भनक तक नहीं लगी। यह कोई पहला मामला नहीं है इसके पूर्व भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके है लेकिन जिला अस्पताल प्रशासन इससे निपटने के बजाय मुँह मोड़ लेता है। “निजी एम्बुलेंस द्वारा जिला अस्पताल से मरीज ले गया बेखौफ दलाल…शीर्षक की खबर चलाये जाने के बाद जिला असपताल प्रशासन हरकत में आ गया है और देवपुत्र लिखी एम्बुलेंस की पहचान में जुट गया।