डीडीयू मंडल संसदीय समिति की बैठक का आयोजन
चन्दौली ब्यूरो/हाजीपुर,पं.दीन दयाल उपाध्याय मंडल की ‘मंडल संसदीय समिति‘ की बैठक का आयोजन किया गया।
इस बैठक में पं.दीन दयाल उपाध्याय मंडल क्षेत्राधिकार के माननीय सांसदगण ने भाग लिया।बैठक की अध्यक्षता सासाराम के माननीय सांसद छेदी पासवान द्वारा की गयी । सभी माननीय सांसदगण द्वारा जनहित से जुड़े मुद्दे एवं रेल के सर्वांगीण विकास हेतु अपने-अपने सुझावों को रखा गया ।
इस अवसर पर पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक अनुपम शर्मा, पं.दीन दयाल उपाध्याय मंडल के मंडल रेल प्रबंधक राजेश कुमार पाण्डेय सहित मुख्यालय एवं मंडल के अधिकारीगण उपस्थित थे ।
आज की इस बैठक में पलामू के माननीय सांसद विष्णु दयाल राम, काराकाट के माननीय सांसद महाबली सिंह, औरंगाबाद के माननीय सांसद सुशील कुमार सिंह एवं माननीया सांसद (राज्य सभा) दर्शना सिंह उपस्थित थीं। इनके अलावा माननीय भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उद्यम मंत्री, भारत सरकार डॉ. महेन्द्र नाथ पांडेय के प्रतिनिधि अनिल तिवारी, माननीय उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री, भारत सरकार अश्विनी कुमार चौबे के प्रतिनिधि जितेन्द्र पाण्डेय एवं गया के माननीय सांसद विजय कुमार जी के प्रतिनिधि अजय कुमार श्रीवास्तव उपस्थित थे ।
बैठक में माननीय सांसदगण ने रेल विकास व यात्री सुविधाओं में और वृद्धि एवं उसे सुदृढ़ करने के संबंध में बहुमूल्य सुझाव दिये। माननीय सांसदगण द्वारा आधारभूत संरचनाओं के विकास से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने पर बल दिया गया । साथ ही बैठक में भविष्य की कार्य योजनाओं पर भी चर्चा हुई ।
इसके पूर्व बैठक के प्रारंभ में महाप्रबंधक अनुपम शर्मा ने माननीय सांसदगण एवं माननीय सांसद के प्रतिनिधिगण का स्वागत किया । महाप्रबन्धक ने अपने स्वागत संबोधन में पं.दीन दयाल उपाध्याय मंडल द्वारा यात्री सुविधा, आधारभूत संरचनाओं के विकास आदि के क्षेत्र में किए गए कार्यों एवं नई परियोजनाओं से माननीय सांसदगण को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि विश्वस्तरीय अत्याधुनिक यात्री सुविधाओं से युक्त वर्ल्ड क्लास स्टेशन बनाने हेतु गया स्टेशन के पुनर्विकास का कार्य प्रगति पर है तथा पं. दीन दयाल उपाध्याय जं. के भी स्टेशन पुनर्विकास हेतु कंसलटेंसी सर्विस ली जा रही है। पं0 दीन दयाल उपाध्याय से मानपुर तक जीसी सेक्सन में मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों को 130 कि.मी.प्रतिघंटा की गति से परिचालित की जा रही है ।
महाप्रबन्धक ने माननीय सांसदों से प्राप्त बहुमूल्य सुझावों के लिये आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सुझाव हमें भविष्य में रेल विकास कार्यों की रूप-रेखा तय करने में काफी सहायक सिद्ध होगा ।