वाराणसी
दरोगा को गोली मारकर सरकारी पिस्टल छिनने 2 बदमाश पुलिस मुठभेड़ मे ढेर
वाराणसी में सोमवार की सुबह पुलिस ने मुठभेड़ में दो बदमाशों को ढेर कर दिया। मुठभेड़ भेलखा गांव के पास रिंग रोड पर हुई। आमने-सामने की तकरीबन 15 राउंड से ज्यादा की फायरिंग में दोनों बदमाश मारे गए हैं। दोनों का एक साथी पुलिस को चकमा देकर भाग गया है। बदमाशों की गोली से क्राइम ब्रांच का एक सिपाही भी घायल हुआ है।
दोनों बदमाश रोहनिया क्षेत्र में दरोगा को गोली मार कर सरकारी पिस्टल, कारतूस, पर्स और मोबाइल लूटे थे। दोनों के पास से दरोगा की सरकारी पिस्टल, 32 बोर की देसी पिस्टल, एक बाइक, मोबाइल और कुछ कागजात बरामद हुए हैं। दोनों बदमाशों की शिनाख्त का प्रयास जारी है। पुलिस के अनुसार, अब तक की जानकारी के अनुसार दोनों बदमाश बिहार के रहने वाले हैं। पुलिस कमिश्नर ए. सतीश गणेश ने बताया कि दरोगा अजय यादव को गोली मार कर पिस्टल लूटने की घटना को अंजाम देने वाले बदमाशों की तलाश में पुलिस टीमें लगातार लगी हुई थीं। आज सुबह सर्विलांस की मदद से पता लगा कि घटना में वांछित 3 बदमाश भेलखा गांव के पास रिंग रोड से गुजर रहे हैं। इस पर कमिश्नरेट की क्राइम ब्रांच और बड़ागांव थाने की पुलिस टीम ने घेराबंदी कर तीनों बदमाशों को रोकने का प्रयास किया तो वह फायरिंग शुरू कर दिए। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दो बदमाश गंभीर रूप से घायल हुए। बदमाशों की गोली से क्राइम ब्रांच के सिपाही शिव बाबू भी घायल हुए हैं। पुलिस सभी को अस्पताल लेकर गई। अस्पताल में दोनों बदमाशों को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटनास्थल से भाग निकले एक बदमाश की तलाश के लिए पुलिस की 3 टीमें लगाई गई हैं।
बदमाशों के पास से बरामद हुई 9 MM Browning पिस्टल के मिलान की कार्रवाई के लिए उसे हेड आरमोरर के पास भेजा गया है। उधर, अस्पताल में डॉक्टरों ने बताया कि दोनों बदमाशों के सीने पर गोली लगी थी। वहीं, सिपाही के दाएं हाथ को छूते हुए गोली निकली थी।
*8 नवंबर की शाम मारी थी दरोगा को गोली*
बताते चलें कि वाराणसी के लक्सा थाने में तैनात 2015 बैच के दरोगा अजय यादव मूल रूप से प्रतापगढ़ जिले के भीखमपुर गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने रोहनिया थाना के जगतपुर क्षेत्र में प्लाट खरीदा है और अब वहीं मकान बनवा रहे हैं। बीती 8 नवंबर की शाम वर्दी पहने हुए अजय अपनी बुलेट से अपने प्लॉट पर जा रहे थे तभी बदमाशो से उन्हें गोली मारकर सरकारी पिस्टल छीन लिया था।
वाराणसी में आज मारे गए दोनों बदमाश रजनीश सिंह और मनीष सिंह और इनका तीसरा भाई लल्लन 9 सितंबर 2022 को पटना की बाढ़ जिला अदालत के शौचालय की दीवार तोड़कर फरार हो गए थे, तभी से बिहार पुलिस इनकी जबरदस्त तरीके से तलाश में थी, लेकिन ये तीनो भाई भागकर वाराणसी में शरण लिए थे*
तीनो भाइयों ने छह मार्च, 2017 को पटना के बेलछी थाना क्षेत्र के बाघाटिलहा गांव के समीप पीएनबी बैंक की शाखा से बदमाशों ने दिनदहाड़े 60 लाख रुपये लूट लिए थे।
इस दौरान बैंक के गार्ड योगेश्वर पासवान, सुरेश सिंह और चालक अजित यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
तीनों इसी कांड के आरोपित थे। इन तीनों पर पूर्व मे एक दारोगा, एक एएसआइ की भी हत्या करने का आरोप था
ये सब पांच भाई है, एक भाई सीधा साधा है जो समस्तीपुर में गांव पर रहता है, इनका एक और भाई किसी संगीन जुर्म में झारखंड की जेल में बन्द है। बाकी ये तीनो सगे भाई संगठित तरीके से लगातार अपराध की घटनाओ को अंजाम दे रहे थे