Saturday, August 30, 2025

अन्हरी गइया के राम रखवार..!

अन्हरी गइया के राम रखवार..!

— वनवासियों के चेतना का केंद्र सेवा कुंज

विशेष संवाददाता द्वारा

सोनभद्र । मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़
से सटा , विकास से कटा वनवासी
बाहुल्य बभनी ब्लॉक का
‘ सेवाकुंज आश्रम ‘
सामाजिक चेतना का केंद्र बन
हुआ है । दुर्गम क्षेत्र
में सरकारी जन कल्याणकारी
योजनाएं कभी आते -आते हांफने लगती थी । सेवा समर्पण संस्थान के संगठन मंत्री आनंद की सक्रियता अब वनवासियों के लिए
अन्हरी गइया क राम
रखवार ‘ साबित हो रही है ।
1998 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पहल पर चपकी में ‘ सेवाकुंज ‘ आश्रम की
नींव रखी गई थी। नर सेवा नारायण सेवा का संकल्प लेकर
आनंद जी
शिक्षा व संस्कार के शस्त्र से वनवासियों को उनका हक दिलाने में पहल कर रहे हैं ।
भारत माता व वनवासियों के
भगवान विरसा मुंडा
को आदर्श मानकर शिक्षा के क्षेत्र में वे
एक ऐसी ज्योति जल दिए हैं , जिससे अनेक दीपक प्रज्ज्वलित हो जनपद का मान बढा रहे हैं ।
समाज कल्याण राज मंत्री
संजीव गोंड , दुद्धि के विधायक
रामदुलार गोंड इसी विद्यालय से
शिक्षा संस्कार ग्रहण किये हैं । राज्य सभा
सदस्य रामशकल का प्रत्यक्ष जुड़ाव विद्यार्थी जीवन से ही
घोरावल के एक लव्य नगर के
प्रकल्प से है । संघ प्रचारक से
लेकर लोकसभा व राज्य सभा सदस्य बनने तक का सफर इन्ही
राहों से होकर गुजरा है । चपकी के इस आश्रम में अब तक
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद , राज्यपाल आनंदी बेन
पटेल , मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत अनेक
राजनीतिक व सामाजिक जीवन
से जुड़ी हस्तियां आकर अपना
योगदान दे
चुकी हैं । जंगल में मंगल की
तरह इण्टर कालेज का सुसज्जित भवन ,छात्रावास , प्रशासनिक भवन ,
अतिथि कक्ष , भोजनालय ,
तीन मंजिले भवन में विरसा मुंडा
सभगार , प्रशिक्षण भवन ,
शिव मंदिर व खेल स्टेडियम
आदि पर्वतों को काटकर
राह बना देने जैसे कर्मवीरों की
गाथा
बखान रहे हैं ।
मारकुंडी घाट नीचे
औद्योगिक बस्तियों को अपवाद
मान लें तो 20 प्रतिशत आबादी
अरण्य संस्कृति से आच्छादित
है तो नगरी सभ्यता
प्रोजेक्ट एरिया तक है । 2011 की जनगणना के अनुसार जिले की जनसंख्या
18 लाख ,62 हजार ,559 है , जिसमें अनुसूचित जन
जाति 3 लाख ,65 हजार ,601 है जो कुल जनसंख्या का 20 प्रतिशत है ।
अनुसूचित जनजाति की दृष्टि से यह संख्या
प्रदेश में सर्वाधिक है । जिले में 16
जातियां जनजाति की श्रेणी में
सूची बद्ध हैं जिनमे -गोंड , खरवार , बैगा , पनिका, अगरिया ,
चेरो , भुइयां आदि हैं ।

वनवासियों को भौमिक अधिकार दिलाने के लिए हाल
के दिनों में आनंद जी की लखनऊ
में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल
और सम्बंधित अधिकारियों के
साथ एक महत्वपूर्ण बैठक हुई
थी , जिसके परिणाम स्वरूप
राज्यपाल का दो दिवसीय प्रवास
हुआ 18 मई को पूर्ण हुआ था ।
विरसा मुंडा सभागार में जिन
सात वनवासियों को भौमिक अधिकार पत्र राज्यपाल ने सौंपा
उनमें शामिल थी – कलावती निवासी कोंगा , जाति खरवार ,
फूलमती निवासी घघरी , जाति
गोंड , वीर सिंह , निवासी हथियार
जाति अगरिया , कोइलरवा निवासी बहेरा डोल , जाति भुइयां , रूप शाह , बहेरा डोल
पनिका , रामचन्द्र डुमरहर जाति
बैगा और तुलसीदास निवासी
गोहड़ा जाति चेरो शामिल हैं ।
ये सभी दुद्धि तहसील के बभनी
ब्लॉक के अनुसूचित जनजाति के
लोग हैं । बभनी ब्लॉक की कुल 49 ग्राम समितियों में 3604 दावे
प्रस्तुत किये जाने की जानकारी
मिली है । वनाधिकार कानून 2006 के तहत 210 दावा स्वीकृत किये जा चुके हैं । शेष
दावेदारों का दावा 15 नवंबर 2022 तक स्वीकृत करने का
आश्वासन जिलाधिकारी ने 19
नवम्बर को राज्यपाल महोदया
के समक्ष प्रस्तुतिकरण के दौरान
विरसा मुंडा सभागार में दिया
था ।

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