यूपी चुनाव में रिश्वत लेने व देने वालों पर होगी कार्रवाई, एफआईआर दर्ज कराने के दिए निर्देश:- यूपी विधानसभा चुनाव में रिश्वत देने ही नहीं लेने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। ऐसे लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। रिश्वत के लेनदेन में रिटर्निंग ऑफिसरों को वस्तुओं को जब्त कर दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराते हुए इसकी एक प्रति व्यय प्रेक्षक को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं को प्रभावित करने वालों की निगरानी के लिए चुनाव आयोग की मशीनरी सक्रिय हो गई है। आयोग ने इसकी निगरानी का जिम्मा केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर विभाग (सीजीएसटी) को सौंपा है।कानून-व्यवस्था तथा चुनाव खर्च की निगरानी के लिए पुलिस, आबकारी, आयकर तथा अन्य संबंधित विभागों की टीमों को सक्रिय किया गया है। अधिसूचना जारी होने की तारीख से प्रत्याशियों के खर्च की निगरानी शुरू हो जाएगी। एयरपोर्ट, सीमा शुल्क चौकियों, वाहनों व गोदामों आदि की जांच का जिम्मा सीजीएसटी को सौंपा गया है। शराब, नकदी, मुफ्त उपहार आदि बांटने की जांच के लिए सीजीएसटी की ओर से उड़न दस्तों का गठन किया गया है। इन दस्तों ने सड़क मार्ग पर संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू कर दी है।सूत्रों के मुताबिक व्यय और आदर्श आचार संहिता उल्लंघन से संबंधित मामलों की पहचान के लिए वीडियो रिकॉर्डिंग देखकर लेखा टीम व सहायक व्यय प्रेक्षक को रिपोर्ट भेजी जाएगी। संवेदनशील क्षेत्रों में उड़न दस्तों के अलावा स्थानीय मशीनरी को राजनीतिक दलों, प्रत्याशियों व उनके समर्थकों की गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।