Friday, August 29, 2025

दुर्भाग्य है कि 26 मई को किसान ब्लैक डे-काला दिवस के रूप में मनाने को हुए मजबूर

दुर्भाग्य है कि 26 मई को किसान ब्लैक डे-काला दिवस के रूप में मनाने को हुए मजबूर

रावर्ट्सगंज (सोनभद्र )

पूर्वी उत्तर प्रदेश में किसानों की आवाज बुलंद कर रहे पूर्वांचल नव निर्माण किसान मंच के नेता श्रीकांत त्रिपाठी तथा गिरीश पाण्डेय ने 26 मई को ब्लैक डे काला दिवस के रूप में मनाने की घोषणा करते हुए बताया कि
पूर्वांचल के किसान अपनी-अपनी साइकिल,मोटरसाइकिल, कार, ट्रैक्टर पर काला झंडा लगाकर 26 मई को यात्रा करेंगे,यदि कहीं निकलना हुआ तो।इसके अलावा किसान अपने-अपने घरों पर काला झंडा लगाकर,गांवों में दोषपूर्ण कृषि कानून के खिलाफ सरकार का पुतला भी दहन करके जगह-जगह विरोध दर्ज कराएंगे।
नेता द्वय ने कहा कि सरकार से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानूनी गारंटी की मांग करते हुए दोषपूर्ण कृषि काला कानून को वापस कराने के लिए आवाज बुलंद कराने को मजबूर हुए हैं।

पूर्वी उत्तर प्रदेश के किसान नेताओं ने बताया कि यह आयोजन दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन के छः महीने पूरा होने पर संयुक्त किसान मोर्चे के आह्वान पर किया गया है।
नेता द्वय ने किसानों से ब्लैक डे , काला दिवस को सफल बनाने की अपील करते हुए कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानूनी गारंटी के बगैर किसानों की आय दोगुनी करना तो दूर उनकी लागत मूल्य भी मिलना मुश्किल हो गया है। इसके बाद भी आश्चर्य है कि देश की किसान यदि नए कृषि कानून नहीं चाहता फिर भी सरकार इसे किसानों के ऊपर जबरजस्ती क्यों थोपना चाहती है। यह देश का दुर्भाग्य है कि आजादी के बाद इतने लंबे समय तक देश का अन्नदाता अपनी मांगों को लेकर 6 महीने से धरने पर बैठा हुआ है और सरकार कानों में तेल डाल कर सोई हुई है।

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