हिंदू संस्कृति विश्व की प्राचीनतम सनातन संस्कृति का स्वरूप-दीपक भाई साहब
हंस वाहिनी इण्टर कालेज कसया में स्वयंसेवक संगम कार्यक्रम का हुआ आयोजन
सोनभद्र(विनोद मिश्र)
करमा ब्लाक अंतर्गत हंस वाहिनी इण्टर कॉलेज कसया प्रांगण में आज रविवार की शाम चार बजे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ काशी प्रांत के आह्वाहन पर स्वयंसेवक संगम कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ परम पवित्र भगवा ध्वज के सानिध्य में परम पूज्य डॉक्टर साहब व गुरु जी की प्रतिमा पर कार्यक्रम के अध्यक्ष द्वारा माल्यार्पण व पुष्प अर्पण के साथ प्रारंभ हुआ।
मुख्य वक्ता आर एस एस जिला प्रचारक दीपक भाई साहब ने संगठित हिन्दू समर्थ भारत विषय पर बौद्धिक उद्बोधन में कहा कि, हिंदू संस्कृति विश्व की प्राचीनतम सनातन संस्कृति का ही एक स्वरूप है जिसका फैलाव पूरी दुनिया भर में रहा है। पिछले एक हजार वर्षों से दुनिया की इस सर्वाधिक समृद्ध संस्कृति पर भिन्न भिन्न प्रकार से अनेक आक्रमण हुए हैं जिस कारण सांस्कृतिक ह्रास की स्थिति उत्पन्न हो गई।इस अवसर पर उन्होंने राम गाथा का वर्णन करते हुए हिन्दू लोगों को संगठित होकर रहने की बात रामायण, गीता बताती है। इस समस्या को लेकर परम पूज्य डॉक्टर साहब ने कुछ लोगों को संगठित कर उसी पुराने वैभवशाली स्थिति में लाने का जो प्रयास शुरू किया था वह अब फलीभूत होता दिखाई दे रहा है और स्वयंसेवकों के रूप में पूरी दुनिया में हिंदू समाज के रूप मे संगठित होकर भारत को पुनः अपने उसी स्वर्णिम युग में ले जाने का भरपूर प्रयास कर रहे हैं। डॉक्टर साहब के इस प्रयास से हम सभी स्वयंसेवकों को भारत का गौरव पुनः स्थापित करने का मौका मिला हुआ है जिसे पूरी तन्मयता से आगे बढ़ाने की जरूरत है ताकि भारत पुनः अपनी श्रेष्ठता पूरी दुनिया में स्थापित कर सकें।
कार्यक्रम की अध्यक्षता राजेश मिश्र किसान युवा मोर्चा भाजपा जिला उपाध्यक्ष व कार्यक्रम के मुख्य वक्ता दिनेश कार्यक्रम के संयोजक उत्कर्ष रहे।
कार्यक्रम में अमृत वचन में श्री राजेश मिश्र ने कहा व एकल गीत का गायन किया।
कार्यक्रम में संघ स्थान पर प्रतिदिन खेले जाने वाले खेल, व्यायाम,योग व सूर्य नमस्कार के साथ-साथ संवाद सत्र का भी कार्यक्रम चला। संवाद सत्र में उपस्थित लोगों के दो गट बनाए गए जिसमे एक गट द्वारा समस्या बताई गई तथा दूसरे गट द्वारा उसका समाधान बताया गया।
कार्यक्रम संयोजक उत्कर्ष ने किया। कार्यक्रम में जितेंद्र, ऋषि केश,डॉ0 मनोज मिश्र, रमाकांत मिश्र, उमाकांत मिश्र, मुख्य शिक्षक सत्यम ,प्रार्थना छोटे बाल स्वयं सेवक, राधे श्याम, जितेन्द्र, अर्जुन, मनोज आदि गणमान्य उपस्थित रहे।