वाराणसी : पंच तत्व में विलीन हुए काशी के लाल विशाल मिश्रा गणेश का शरीर
मुख्य रूप से भुल्लनपुर के निवासी विशाल मिश्रा गणेश का जीवन समाज सेवा में ही बीता था चाहे किसी को हॉस्पिटल में दिखाना हो या किसी प्रकार के न्याय के लिए साथ देना हो समाज में जरूरतमंदों के साथ हमेशा खड़े रहने वाले विशाल मिश्रा गणेश का व्यक्तित्व हमेशा से ही जरूरतमंदों के साथ खड़े रहना और उनको सहायता दिलाना ही मुख्य उद्देश्य था पिता के अकेले पुत्र होने के नाते घर से बंदीसे भी बहुत रहती थी , लेकिन किसी का ना सुनते हुए विशाल मिश्रा गणेश हमेशा समाज सेवा में लगे रहते थे, आज उनका पार्थिव शरीर काशी के हरिश्चंद्र घाट पर पंचतत्व में विलीन हो गया,
सांड को बचाने में कार पलटी समाजसेवी विशाल मिश्रा”गणेश” की मौके पर मृत्यु अन्य गम्भीर रूप से घायल
वाराणसी:लोहता थानाक्षेत्र में बीती रात मंगलवार को सांड को बचाने में चार पहिया वाहन पलट गई जिसमें एक की मौके पर ही मौत हो गई दो गंभीर रूप से घायल हैं घटना लोहता थानाक्षेत्र के नरइचा अकेलवा मार्ग पर की है प्राप्त जानकारी के अनुसार अंकित पांडेय निवासी जफराबाद रोहनिया, विशाल (गणेश मिश्रा) निवासी भूलनपुर थाना मंडुआडीह, राहुल पांडेय निवासी औराव पिंडरा तीनों कार में सवार होकर गंगापुर से रोहनिया की ओर आ रहे थे कि अचानक सामने एक सांड दिखाई दिया जिसे बचाने हेतु अंकित ने कार को बाई तरफ घुमाया लेकिन सांड भी बाई ओर कार के सामने आ गया जिसमें टक्कर लगने से कार टकरा कर पलट गई कार उल्टी होने की वजह से बड़ी मशक्कत के बाद अंकित कार से बाहर निकला जिसके बाद मदद के लिए चिल्लाने लगा स्थानीय निवासियों की मदद से दोनों को बाहर निकाला गया जिसमें विशाल उर्फ गणेश मिश्रा की घटनास्थल पर ही मौत हो चुकी थी अंकित और राहुल दोनों गंभीर रूप से घायल थे राहुल अंकित का सगा साला है आज बुधवार को गवना लेने जाना था अंकित की शादी विगत 2 दिसंबर को हुई थी क्षेत्रीय लोगों की माने तो अंकित और विशाल दोनों जिगरी दोस्त है दोनों एक साथ ही खाना-पीना उठना बैठना करते थे वहीं घटना के बाद अंकित व राहुल पांडेय को रोहनिया के एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया जहां पर अंकित के परिवारिक लोगों का जमावड़ा लगा हुआ है तो वही विशाल के शव को शिवपुर पोस्टमार्टम के लिये भेजा गया है विशाल के घर पर मातम व क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है विशाल अपने मां बाप का इकलौता लड़का था विशाल बीएचयू में मेडिकल विभाग में संविदा पर कार्यरत था और समाजसेवा के कार्य मे लिप्त रहता था ।
विशाल के पिता राम मिश्रा ने कहा जन सहयोग करना ही पहली प्राथमिकता थी विशाल की सैकड़ों लोगों की निस्वार्थ सेवा करता था विशाल लेकिन आज वह चला गया अब कैसे मदद करेगा ।